मुलाकातऔर जमानत:संयोग या राजनीतिक संकेत  ?

लुधियाना:03 फरवरी:दिनेश कुमार शर्मा

अचानक मुलाकात और समर्थन: 2 फरवरी 2026 को बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने नाभा जेल में बिक्रम मजीठिया से करीब 30-35 मिनट लंबी मुलाकात की। जेल से बाहर आकर उन्होंने मीडिया से कहा कि मजीठिया पर लगे सभी आरोप “झूठे और बेबुनियाद” हैं।

उसी दिन मिली जमानत:

इस मुलाकात के कुछ ही घंटों के भीतर सुप्रीम कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में मजीठिया को जमानत दे दी। कोर्ट ने मजीठिया की लंबी न्यायिक हिरासत (जून 2025 से) और उनकी सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सुनाया।

BJP में शामिल होने की अटकलें:

राजनीतिक विश्लेषकों (जैसे डॉ. हरजेश्वर सिंह) का मानना है कि डेरा प्रमुख की यह यात्रा और सहानुभूति मजीठिया के राजनीतिक भविष्य के लिए एक बड़ा संकेत हो सकती है। जानकारों के अनुसार, यह मजीठिया और BJP के बीच किसी “समझौते” या भविष्य में साथ आने का इशारा हो सकता है।

विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया

आम आदमी पार्टी (AAP) का हमला: AAP ने इस घटनाक्रम पर कड़ा एतराज जताया है। मीडिया सलाहकार बलतेज पन्नू और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि डेरा प्रमुख जैसे सम्मानित धार्मिक व्यक्ति को जेल में जाकर किसी आरोपी को “क्लीन चिट” नहीं देनी चाहिए, क्योंकि यह न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप जैसा है।

BJP पर आरोप:

AAP नेताओं ने पूर्व में भी आरोप लगाया है कि BJP मजीठिया को बचाने की कोशिश कर रही है।हालांकि अभी तक मजीठिया ने BJP जॉइन करने का कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन डेरा प्रमुख का खुला समर्थन और जमानत का समय पंजाब की राजनीति में एक नए समीकरण की ओर इशारा कर रहा है।

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