सुक्खू कैबिनेट का फैसला: पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाएंगे नशे के सौदागर

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हिमाचल से सीतेश शर्मा की रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू कैबिनेट ने 23 मार्च 2026 को हुई बैठक में एक ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिसके तहत ‘चिट्टा’ (सिंथेटिक ड्रग्स/हेरोइन) की तस्करी में शामिल व्यक्ति अब राज्य में पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाएंगे
इस निर्णय की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
अयोग्यता का आधार: चुनाव लड़ने से रोकने के लिए केवल कोर्ट द्वारा दोषी ठहराया जाना ही जरूरी नहीं होगा। यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ चिट्टे की तस्करी का मामला दर्ज (FIR) है या कोर्ट में 
चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, तो वह उम्मीदवार नहीं बन सकेगा।

कानूनी संशोधन: राज्य सरकार इस फैसले को कानूनी रूप देने के लिए वर्तमान विधानसभा सत्र में हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम में संशोधन के लिए एक विधेयक (Bill) पेश करेगी।

दायरा: यह प्रतिबंध फिलहाल केवल चिट्टे (हेरोइन) से जुड़े मामलों तक ही सीमित रखा गया है। अन्य मादक पदार्थों (NDPS अधिनियम के तहत) के आरोपियों को अभी इस दायरे से बाहर रखा गया है।

उद्देश्य: मुख्यमंत्री सुक्खू का कहना है कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए पंचायतों का स्वच्छ और ईमानदार होना जरूरी है, ताकि समाज में गलत संदेश न जाए

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