विक्रम मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत, आय से अधिक संपत्ति मामले में ज़मानत मंजूर

नई दिल्ली/चंडीगढ़ :2 फरवरी 2016:कमल पवार

शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री विक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से आज एक बड़ी कानूनी जीत मिली है। शीर्ष अदालत ने उन्हें 540 करोड़ रुपये के आय से अधिक संपत्ति (DA) मामले में ज़मानत दे दी है।

अदालत का मुख्य फैसला

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने सोमवार को मजीठिया की याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें रिहा करने का आदेश दिया। अदालत ने अपने फैसले में निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं का उल्लेख किया:

लंबे समय से हिरासत:

मजीठिया पिछले सात महीनों से नाभा जेल में बंद थे।

जांच में सहयोग: पुलिस की चार्जशीट (सेक्शन 173(2)) पहले ही दाखिल की जा चुकी है, जिससे आगे हिरासत की ज़रूरत कम मानी गई।

पुराना मामला:

यह मामला 2007-2017 की अवधि से संबंधित है, जबकि इसकी एफआईआर (FIR) 2025 में दर्ज की गई थी।

पुराना रिकॉर्ड:

अदालत ने नोट किया कि मजीठिया को ड्रग्स (NDPS) मामले में 2022 में ही ज़मानत मिल गई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में बरकरार रखा था।

राजनीतिक हलचल और सुरक्षा चिंताएं

ज़मानत मिलने से शिरोमणि अकाली दल के खेमे में खुशी की लहर है, हालांकि पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट किया कि “ज़मानत का मतलब दोषमुक्ति (Acquittal) नहीं है” और कानूनी लड़ाई जारी रहेगी। सुनवाई के दौरान मजीठिया के वकीलों ने जेल के भीतर उनकी जान को खतरे की आशंका भी जताई थी, जिसका संज्ञान अदालत ने लिया।

क्या है मामला ?
पंजाब सतर्कता ब्यूरो (Vigilance Bureau) ने मजीठिया को 25 जून 2025 को गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की। इस मामले में करीब 40,000 पन्नों की चार्जशीट और 272 गवाह शामिल हैं।

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