मान सरकार की शिक्षा क्रांति की मुंह बोलती तस्वीर, एनआरआई भी कर रहे खुलकर तारीफ

0

Views: 2

मुख्यमंत्री भगवंत मान और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस की दूरदर्शी सोच और मजबूत नीतियों ने बदली सरकारी स्कूलों की नुहार – एनआरआई सहोता

खन्ना/लुधियाना /13 फरवरी/कमल पवार
पंजाब सरकार की ओर से चलाई जा रही शिक्षा क्रांति आज पूरे देश में एक मिसाल बन चुकी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस की दूरदर्शी सोच, मजबूत नीतियों और लगातार किए जा रहे प्रयासों के चलते पंजाब के सरकारी स्कूलों की नुहार पूरी तरह बदल गई है। हालात ऐसे हो गए हैं कि अब केवल पंजाब के लोग ही नहीं, बल्कि विदेशों में रहने वाले एनआरआई भी खुलकर पंजाब के सरकारी स्कूलों की तारीफ कर रहे हैं और अपने-अपने गांवों के स्कूलों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं।
पंजाब सरकार की शिक्षा क्रांति के तहत सरकारी स्कूलों में आधुनिक कक्षा कक्ष, स्मार्ट बोर्ड, बेहतर प्रयोगशालाएं, साफ-सुथरे शौचालय, पीने के लिए स्वच्छ पानी, खेल मैदान और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न गतिविधियां शुरू की गई हैं। इसका नतीजा यह है कि आज सरकारी स्कूल किसी भी निजी स्कूल से कम नहीं रहे। इसी शिक्षा क्रांति की एक शानदार मिसाल है खन्ना के नजदीकी गांव घुंगराली राजपूतां का सरकारी प्राइमरी स्मार्ट स्कूल। यह स्कूल आज पंजाब के बेहतरीन स्कूलों में अपनी अलग पहचान बना चुका है।
स्कूल का सालाना समारोह हर साल निजी स्कूलों के कार्यक्रमों को भी पीछे छोड़ देता है। इस बार भी स्कूल स्टाफ और एनआरआई सहयोग से “नन्हे उस्ताद एथलेटिक्स मीट” का शानदार आयोजन किया गया, जिसका स्तर इतना ऊंचा था कि देखने वाले हैरान रह गए।समारोह के दौरान बच्चों ने शानदार मार्च पास्ट निकाला, रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए और खेल मुकाबलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बच्चों की प्रतिभा, अनुशासन और आत्मविश्वास की चारों ओर जमकर सराहना हुई। कार्यक्रम में शामिल एनआरआई परिवारों ने भी सरकारी स्कूलों की बदली तस्वीर की खुलकर तारीफ की और अन्य एनआरआई साथियों को भी अपने गांवों के स्कूलों की मदद के लिए प्रेरित किया।स्कूल मुखी गैलेक्सी सोफत ने बताया कि कुछ वर्ष पहले स्कूल में बच्चों की संख्या केवल 86 के करीब थी, लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार के लगातार प्रयासों, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस की मजबूत नीतियों और स्कूल स्टाफ की दिन-रात की मेहनत के चलते आज यह संख्या बढ़कर करीब डेढ़ सौ तक पहुंच गई है।
हर साल दाखिलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और कई अभिभावक निजी स्कूल छोड़कर अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में दाखिल करवा रहे हैं। हर महीने अभिभावक बैठक कर बच्चों की पढ़ाई और प्रगति पर चर्चा की जाती है, जिससे स्कूल और माता-पिता के बीच मजबूत तालमेल बना हुआ है।इस वर्ष की एथलेटिक्स मीट स्वर्गीय गुरवंत सिंह सहोता की याद को समर्पित की गई, क्योंकि सहोता परिवार हमेशा स्कूल और गांव के विकास के लिए सहयोग करता आ रहा है। कार्यक्रम में विशेष रूप से पहुंचे उप जिला शिक्षा अधिकारी (एलीमेंट्री) मनोज कुमार और ब्लॉक प्राइमरी शिक्षा अधिकारी रणजोध सिंह खंगूड़ा ने स्कूल स्टाफ की मेहनत की जमकर तारीफ की और कहा कि यह सब शिक्षा क्रांति का ही नतीजा है
कि आज सरकारी स्कूल नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।इस मौके पर स्टेट अवॉर्ड प्राप्त शिक्षक विकास कपिला, बलजीत कौर, जसविंदर कौर, जसवीर कौर, सतनाम सिंह, जसविंदर कौर, स्वर्गीय गुरवंत सिंह सहोता की पत्नी अमृतपाल कौर सहोता, सिमरत सहोता, पलविंदर सिंह सहोता, बरिंदरजीत कौर सहोता, धनवीर सहोता, जसवीर कौर सहोता, गुरवीरइंदर सिंह धालीवाल सहित कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।कुल मिलाकर यह कहना गलत नहीं होगा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस की अगुवाई में चल रही शिक्षा क्रांति ने पंजाब के सरकारी स्कूलों की तस्वीर ही बदल दी है। आज एनआरआई भी इस बदलाव को देखकर गर्व महसूस कर रहे हैं और खुलकर सरकार की नीतियों और प्रयासों की सराहना कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *