सरकार तथा हाई कोर्ट के फैसले को लेकर प्रतिक्रिया

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हिमाचल प्रदेश में विधान पालिका तथा न्यायपालिका के बीच आम जनमानस परेशान

डिजास्टर एक्ट के मायने क्या हैं

शिमला। सतीश शर्मा विट्टू।

लोकतंत्र जिसमें कार्यपालिका विधान पालिका न्यायपालिका की व्यवस्था की गई है। कानून का निर्माण विधानसभा तथा संसद में किया जाता है व कार्यपालिका उसे लागू करवाने में तथा न्यायपालिका लोगों को न्याय देने के लिए कार्य करती है। लेकिन देवभूमि हिमाचल प्रदेश में विकट स्थिति पैदा हो गई है। कोर्ट हाई कोर्ट का जो फैसला आया है पंचायत चावन को लेकर प्रदेश में आम जनमानस परेशान है।
हिमाचल प्रदेश में डिजास्टर एक्ट लागू होने के बावजूद, हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव करवाने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा है कि डिजास्टर एक्ट लागू होने के बाद भी चुनाव टाले नहीं जा सकते हैं, और हाईकोर्ट के फैसले को मानना होगा ।

डिजास्टर एक्ट और चुनाव आयोग

डिजास्टर एक्ट लागू होने पर चुनाव आयोग की शक्तियां कम हो सकती हैं, लेकिन यह नहीं कहा जा सकता है कि चुनाव आयोग पूरी तरह से अक्षम हो जाएगा। मुख्यमंत्री सुक्खू ने सदन में घोषणा की है कि डिजास्टर एक्ट लागू होने पर भी चुनाव आयोग को अपने कार्यों को जारी रखना होगा ।

संविधान का अनुच्छेद 329

संविधान का अनुच्छेद 329 कहता है कि चुनावी मामलों में न्यायपालिका का हस्तक्षेप सीमित होगा। हालांकि, यह अनुच्छेद हाईकोर्ट को चुनावी मामलों में आदेश देने से नहीं रोकता है ।
हिमाचल प्रदेश में हाई कोर्ट के दो बड़े फैसले आए हैं एक मामले में नगर पंचायत के निर्माण को लेकर कैबिनेट में नगर पंचायत बनाने का फैसला किया गया मुख्यमंत्री के जिला हमीरपुर की बड़सर नगर पंचायत को लेकर घोषणा की गई घोषणा के बड़नगर पंचायत के वार्ड बनाए गए। नगर पंचायत के लिए धन आवंटित किया गया धन आवंटित करने के साथ एडमिनिस्ट्रेटर लगाए गए उसके बावजूद अभी कोर्ट का फैसला आने के बाद मामला अधर में लटका हुआ है।
दूसरे बड़े फैसले का जिक्र हिमाचल हाईकोर्ट में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव अप्रैल से पहले करवाए जाने की बात कहीहै। जब डिजास्टर एक्ट लगा हुआ है प्रदेश में लागू है तो कोर्ट के निर्देश डिजास्टर एक्ट के समय कितने उपयुक्त हैं। इस पर भी लोगों में बहस छिड़ गई है। कौन सही है कौन गलत। आप भी कमेंट करे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने पंचायत चुनाव को लेकर इतना कहा है कि कोर्ट ने जो आदेश दिए हैं इसका अध्ययन किया जाएगा की कोर्ट ने किस प्रकार डिजास्टर एक्ट में किस कानून के तहत फैसला दिया है।

क्या आपको लगता है कि डिजास्टर एक्ट लागू होने पर चुनाव करवाना उचित है?    क्या आप जानते हैं कि डिजास्टर एक्ट के तहत और क्या प्रावधान हैं?

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