सरकार के भ्रष्टाचार-विरोधी दावों की पोल, नगर निगम लुधियाना में आरोपी कर्मचारी फिर कुर्सी पर

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 सरकार और प्रशासन के भ्रष्टाचार-विरोधी दावों की पोल खोलकर रख दी है। 

लुधियाना, 5 जनवरी: (यादविंदर)

नगर निगम लुधियाना के ज़ोन–सी में तैनात जूनियर सहायक लखबीर सिंह की दोबारा बहाली ने शहर में सरकार और प्रशासन के भ्रष्टाचार-विरोधी दावों की पोल खोलकर रख दी है। लखबीर सिंह पर विजिलेंस ब्यूरो द्वारा नगर निगम के महत्वपूर्ण दस्तावेज़ गायब करने के गंभीर आरोप लगे थे और इसी मामले में वह जेल जा चुका है, इसके बावजूद उसे फिर से उसी पद पर बैठा दिया गया।जानकारी के अनुसार, विजिलेंस ने निगम रिकॉर्ड से अहम फाइलें और दस्तावेज़ गायब करने के आरोपों की जांच के बाद लखबीर सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। जेल से बाहर आने के बाद नगर निगम के अधिकारियों ने उसे उसी संवेदनशील पद पर बहाल कर दिया, जिस पर पारदर्शिता, सेवा नियमों और जनहित – तीनों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर और पोर्टल जारी किए गए हैं

सरकार की ओर से भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े-बड़े दावे करते हुए शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर और पोर्टल जारी किए गए हैं और लोगों से अपील की गई है कि वे बेझिझक भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएं।लेकिन विरोध कर रहे लोगों का आरोप है कि इन नंबरों पर शिकायत करने के बावजूद ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती और भ्रष्टाचार के आरोपी कर्मचारी और अफसर मज़बूत राजनीतिक–अफसरशाही गठजोड़ की वजह से बच निकलते हैं।

आम नागरिक की शिकायतें हेल्पलाइन और दफ्तरों की फाइलों में ही दबा दी जाती हैं

ज़ोन–सी कार्यालय के बाहर गुमनाम प्रदर्शनकारियों ने पोस्टर लगाकर न सिर्फ जूनियर सहायक लखबीर सिंह की बहाली का विरोध किया, बल्कि एक सहायक कमिश्नर की तस्वीर लगाकर यह संदेश भी दिया कि शहर में हो रहे ऐसे विवादित फैसले ऊपरी संरक्षण के बिना संभव नहीं हैं। पोस्टरों में तीखे शब्दों में लिखा गया कि निगम के दफ्तरों में भ्रष्टाचार “ऊपर तक पहुंच” की वजह से पनप रहा है, जबकि आम नागरिक की शिकायतें हेल्पलाइन और दफ्तरों की फाइलों में ही दबा दी जाती हैं।

प्रदर्शनकारियों ने अपनी पहचान उजागर नहीं की

बिना नाम–पता लिखे ही पोस्टर बाज़ी कर यह जताया कि वे बदले की कार्रवाई के डर से सामने नहीं आना चाहते, लेकिन सिस्टम के खिलाफ उनका आक्रोश गहरा है। उनका कहना है कि जब विजिलेंस कार्रवाई, जेल और गंभीर आरोपों के बाद भी किसी कर्मचारी को दोबारा कुर्सी मिल जाती है, तो सरकार द्वारा जारी भ्रष्टाचार-रोधी नंबर और शिकायत तंत्र सिर्फ दिखावा बनकर रह जाते हैं।

स्थानीय निवासियों और जागरूक नागरिकों ने मांग की है

कि सरकार और नगर प्रशासन तुरंत लखबीर सिंह की बहाली के आदेश रद्द करे, ज़िम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की स्वतंत्र जांच कराए और भ्रष्टाचार हेल्पलाइन पर दर्ज हुई शिकायतों की मॉनिटरिंग हाई लेवल कमेटी से करवाई जाए। उनका कहना है कि जब तक शिकायत करने वालों को वास्तविक न्याय और दोषियों को सख्त सज़ा नहीं मिलेगी, तब तक सरकार के भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान पर जनता का भरोसा लौट पाना मुश्किल है।

लुधियाना कॉर्पोरेशन कमिश्नर

कॉर्पोरेशन कमिश्नरको ज़ोन–सी कार्यालय के बाहर गुमनाम प्रदर्शनकारियों ने पोस्टर लगाने के संबंध में उनकी राय जानी चाहिए उन्होंने फ़ोन नहीं उठाया. फिर हमारे पत्रकार की तरफ़ से उनके WHATSAPP पर इस ख़बर के बारे में जानकारी लेनी चाहिए, .लेकिन उन्होंने ख़बर लिखे जाने तक कोई जानकारी नहीं दी नहीं हमारे व्हाट्सएप पर ना ही  फोन कर कोई जानकारी  दी

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