19 फरवरी को गुरूवार के दिन ब्रह्मलीन महंत शिवगिरी जी महाराज की 21वीं बरसी पर विशाल मेले का आयोजन होगा।
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बड़सर । सतीश शर्मा विट्टू
उत्तरी भारत के विश्व प्रसिद्ध सिद्ध पीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध के ब्रह्मलीन महंत शिवगिरी की 21वीं पुण्यतिथि पर बाबा बालक नाथ मंदिर में विशाल मेला आयोजित किया जाएगा। वर्तमान में गदीसीन महंत श्री श्री श्री 1008 राजेंद्र गिरी महाराज ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ देश-विदेश से हजारों की संख्या में बाबा के भक्त इस वरसी मेले में शामिल होंगे। बताया कि उत्तरी भारत के प्रसिद्ध शक्ति पीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में 19 फरवरी को गुरुवार के दिन ब्रह्मलीन महंत शिवगिरी जी महाराज की 21वीं बरसी पर विशाल मेले का आयोजन होगा।इस बरसी मेले में विभिन्न मठों और मंदिरों के संत और महंत विशेष रूप से आमंत्रित किए गए हैं। पंजाब, हरियाणा और हिमाचल के प्रसिद्ध गायक सुबह 10 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक बाबा की भेंटों से आए हुए श्रद्धालुओं का मनोरंजन करेंगे। बरसी मेले पर महंत राजेंद्र जी गिरी के शिष्यों और अनुयायियों की भारी संख्या में पहुंचने की संभावना है। बरसी मेले में हर वर्ष हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली के अलावा देश-विदेश से श्रद्धालुओं का हजूम उमड़ता आया है।
महंत प्रशासन के अनुसार 19 फरवरी गुरुवार को सुबह 10 बजे संत समाज की मौजूदगी में ध्वजारोहण की रस्म अदा करने के बाद बाबा की चौकी का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद पांच बजे तक प्रसिद्ध गायक बाबा जी के भजनों का गुणगान कर भक्तों का मनोरंजन करेंगे। ब्रह्मलीन महंत शिवगिरी की बरसी मेले में भक्तों के लिए बैठने, रहने और खाने का विशेष प्रबंध होगा। पूरा दिन भक्तों के लिए अखंड भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
यद्यपि ब्रह्मलीन महंत की 21वीं बरसी मेले का आयोजन 19 फरवरी को होगा, लेकिन देश-विदेश और पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, जालंधर, लुधियाना के भक्तों ने होटलों और सरायों में एडवांस ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी है, जिससे ऐसा लग रहा है कि इस बार भीड़ पहले से अधिक उमड़ने की संभावना है। यद्यपि इस बरसी मेले में मंदिर न्यास की कोई विशेष भूमिका नहीं होती, लेकिन बरसी मेले में उमड़ने वाली भीड़ की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पर नजर रखने के लिए मंदिर प्रशासन ने पूरी तैयारियां शुरू कर दी हैं। मंदिर न्यास अध्यक्ष एसडीएम स्वाति डोगरा ने बताया कि मंदिर में आने वाले बाबा के भक्तों को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो, इसके लिए मंदिर प्रशासन पूरी तरह से प्रयासरत है। भक्तों की सुरक्षा और ट्रैफिक समस्या से निपटने के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं।
