लुधियाना का ‘कलेजा’ छलनी: जालंधर बाईपास पर सिस्टम की ‘शवपरीक्षा’, साइन बोर्ड पर लिखा— ‘अनपढ़ अधिकारी, अंधा सिस्टम’

पंजाब :लुधियाना 09 फरवरी 2026 दिनेश कुमार शर्मा

साइन बोर्ड पर लिखा— ‘अनपढ़ अधिकारी, अंधा सिस्टम‘

लुधियाना के सबसे व्यस्त जालंधर बाईपास पर आज सुबह उस समय हंगामा मच गया, जब राहगीरों की नजर दिशा बताने वाले बोर्ड पर नहीं, बल्कि उस पर चिपके ‘प्रशासनिक सच’ पर पड़ी। किसी सिरफिरे या शायद सिस्टम के सताए किसी ‘बागी’ ने साइन बोर्ड पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिख दिया— “अनपढ़ अधिकारी, अंधा सिस्टम”।

इस एक लाइन ने पूरे नगर निगम और प्रशासनिक अमले की नींद उड़ा दी है। यह सिर्फ एक बोर्ड नहीं, बल्कि लुधियाना की टूटी सड़कों, उड़ती धूल और भ्रष्टाचार की फाइलों के खिलाफ जनता का ‘इंकलाब’ माना जा रहा है।

अधिकारियों की ‘बोलती बंद’:

जहाँ रोज नेता और अफसर अपनी उपलब्धियों के बोर्ड लगाते थे, वहां आज उनकी ‘डिग्रियों’ और ‘नियत’ पर सवालिया निशान लगा दिया गया है।

बाईपास बना जंग का मैदान:

सुबह से ही लोग वहां रुक-रुक कर सेल्फी ले रहे हैं और सोशल मीडिया पर प्रशासन को ‘टैग’ करके पूछ रहे हैं— “क्या ये सच कड़वा है ?”

फाइलें सफेद, सड़कें काली:

स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब अधिकारी एसी कमरों से बाहर नहीं निकलेंगे, तो उन्हें सड़कों के गड्ढे कैसे दिखेंगे? इसीलिए किसी ने सिस्टम को ‘अंधा’ करार दे दिया।

खुफिया विभाग में खलबली:

पुलिस अब सीसीटीवी (CCTV) खंगाल रही है कि आखिर वो कौन ‘वीर’ था, जिसने अंधेरी रात में सिस्टम की आंखों में रोशनी दिखाने की जुर्रत की।

जनता का तंज:

वहां से गुजर रहे एक टैक्सी ड्राइवर ने चुटकी लेते हुए कहा— “साहब, बोर्ड गलत नहीं है। सड़क की हालत देख कर तो अनपढ़ भी बता देगा कि इंजीनियर साहब फेल हैं!”

अब देखना यह होगा कि इस ‘मिर्ची वाले बोर्ड’ के बाद प्रशासन की आंखों का मोतियाबिंद ठीक होता है या फिर हमेशा की तरह इसे ‘अज्ञात’ के खिलाफ मामला दर्ज कर फाइलों में दबा दिया जाएगा।

दैनिक विज्ञापन
दैनिक विज्ञापन

You may have missed