लुधियाना के नगर निगम : विभाग में भ्रष्टाचार एक गंभीर और व्यापक समस्या बनी हुई है

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लुधियाना :11 फरवरी 2026  :स्पेशल रिपोर्ट:दिनेश कुमार शर्मा
लुधियाना में नगर निगम का ऑफिस। फाइल फोटो
लुधियाना के नगर निगम विभाग में भ्रष्टाचार एक गंभीर और व्यापक समस्या बनी हुई है2024-2025 के दौरान सामने आए मामलों से पता चलता है कि भ्रष्टाचार के तार निर्माण कार्यों,
टेंडरिंग, और प्रॉपर्टी से जुड़े कामों में फैले हुए हैं।
 
मुख्य रूप से यह भ्रष्टाचार निम्नलिखित तरीकों से फैला हुआ है
निर्माण शाखा (Building Branch) में मिलीभगत: 
बिल्डिंग़ इंस्पेक्टर और अन्य अधिकारी नियमों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण को मंजूरी देते हैं। रिहायशी
इलाकों में  बिना मंजूरी के व्यावसायिक निर्माण करने वालों से  कमीशन’  लेकर उन्हें छोड़ दिया जाता है।

टेंडर और रोड निर्माण में घोटाला: 

नगर निगम के Building and Roads (B&R) विभाग पर आरोप हैं कि वे मनपसंद ठेकेदारों को टेंडर देते हैं। घटिया निर्माण सामग्री का  इस्तेमाल किया जाता है, जिससे सड़कों की गुणवत्ता खराब  होती है।

10% कमीशन का चलन: 

भ्रष्टाचार इतना गहरा है कि सीनियर इंजीनियर भी ठेकेदारों से 10% तक का कमीशन मांगते हैं, जिसे वे “साहब” (किसी उच्चाधिकारी) के नाम पर वसूलते हैं।

अवैध पार्किंग और मंडियों में वसूली:

 पार्किंग माफिया द्वारा अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध तरीके से वसूली की जा रही है।

रिश्वत लेकर NOC और डॉक्यूमेंटेशन:

 सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों और निगम दफ्तरों में NOC (No Objection Certificate) या प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए क्लर्क और अधिकारी मोटी रिश्वत लेते हैं।

मध्यस्थों (Middlemen) की भूमिका: 

काम जल्दी कराने के नाम पर अधिकारियों के एजेंट के तौर पर बिचौलिए सक्रिय हैं, जो जनता से ‘कट’ वसूलते हैं।

हालिया गिरफ्तारियां और सबूत:
विजिलेंस ब्यूरो की कार्यवाही में नगर निगम के कई अधिकारियों, जिनमें सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (SE) भी शामिल हैं, को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। ऑडियो
क्लिप्स में भी अधिकारियों को कमीशन के लिए सौदेबाजी करते सुना गया है।

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