जनता के हक पर कोई समझौता नहीं” — बजट सत्र में गरजे विधायक इन्द्रदत्त लखनपाल,

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शिमला। सतीश शर्मा विट्टू।  ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को लिया आड़े हाथों
शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज बड़सर विधानसभा क्षेत्र के विधायक इन्द्रदत्त लखनपाल ने अपने क्षेत्र से जुड़े ज्वलंत जनहित के मुद्दों को पूरी मजबूती और आक्रामकता के साथ सदन में उठाते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता की मूलभूत समस्याओं की अनदेखी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी और जब तक समाधान नहीं होगा, तब तक आवाज उठती रहेगी।
विधायक लखनपाल ने पशु औषधालयों की बदहाल स्थिति पर तीखा प्रहार करते हुए
कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले पशुपालकों को आज बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने सदन में सवाल उठाया कि आखिर क्यों प्रदेश के अधिकांश पशु औषधालय स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहे हैं, क्यों दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की जा रही और क्यों बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो इसका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालकों की आजीविका पर पड़ेगा।
इसके साथ ही विधायक इन्द्रदत्त लखनपाल ने एफ.सी.ए. (Forest Clearance) से संबंधित जटिल प्रक्रियाओं को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि विकास कार्य कागजों और फाइलों में उलझकर रह गए हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों, पेयजल योजनाओं और अन्य आवश्यक विकास कार्यों को केवल इस वजह से रोका जाना दुर्भाग्यपूर्ण है कि एफ.सी.ए. की प्रक्रिया अत्यधिक जटिल और धीमी है। उन्होंने मांग की कि इस प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके और जनता को उनका हक समय पर मिल पाए।
आयुर्वेदिक संस्थानों के सुदृढ़ीकरण के विषय को उठाते हुए विधायक लखनपाल ने कहा कि भारत की समृद्ध आयुर्वेदिक परंपरा केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब लोग प्राकृतिक और पारंपरिक चिकित्सा की ओर रुख कर रहे हैं, तब आयुर्वेदिक संस्थानों को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने मांग की कि इन संस्थानों में विशेषज्ञ स्टाफ, आधुनिक सुविधाएं और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि आमजन को सस्ती, सुलभ और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
विधायक इन्द्रदत्त लखनपाल ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि सरकार को अब केवल घोषणाओं और कागजी योजनाओं से आगे बढ़कर जमीनी स्तर पर ठोस और प्रभावी कार्यवाही करनी होगी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि बड़सर विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश की जनता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है और अब किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई को सहन नहीं किया जाएगा।
अंत में विधायक लखनपाल ने सरकार से मांग की कि पशु औषधालयों की स्थिति सुधारने, एफ.सी.ए. क्लियरेंस प्रक्रिया को सरल बनाने और आयुर्वेदिक संस्थानों को सशक्त करने जैसे मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर तुरंत निर्णय लिए जाएं। उन्होंने कहा कि इन विषयों पर त्वरित और प्रभावी कार्यवाही ही जनता के विश्वास को बनाए रखने का एकमात्र मार्ग है।

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