मान सरकार आज़ादी के बाद 100 परसेंट चुनावी वादे पूरे करने वाली पहली सरकार है: धालीवाल

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अमृतसर/अजनाला, 19 मार्च (कमल पवार)

आम आदमी पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता, MLA और पूर्व कैबिनेट मंत्री पंजाब स. कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि “पंजाब सरकार के चार साल, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ” पंजाब के इतिहास में पहली ऐसी सरकार है, जिसने 5 साल के बजाय 4 साल के अपने कार्यकाल में अपनी चुनावी गारंटी (चुनावी घोषणा पत्र) को 100% लागू करने का मील का पत्थर स्थापित किया है, जिसमें जनरल कैटेगरी और दलित कैटेगरी की महिलाओं के खातों में हर महीने 1000-1500 रुपये, 10 लाख रुपये का मुफ़्त हेल्थ इंश्योरेंस और 10 लाख रुपये का मुफ़्त हेल्थ इंश्योरेंस शामिल है।

धालीवाल आज अपने दफ्तर में लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने के लिए लगाए गए ‘जनता दरबार’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चुनावी गारंटी, चौतरफा विकास, रोजगार और राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूत करने के नाम पर सत्ता में आई भगवंत मान सरकार ने अपने हर चुनावी वादे का सम्मान किया है, जबकि इससे पहले आजादी के बाद पंजाब में गुमराह करने वाले वादों के साथ सत्ता में रही कांग्रेस, अकाली और भाजपा सरकारों ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में कथित तौर पर अपने चुनावी वादों से मुकरने के कारण वोटरों का भरोसा खो दिया था। इन पुरानी पार्टियों के चुनाव घोषणापत्र में किए गए वादों को लागू करवाने के लिए कोर्ट में अर्जी देने के अलावा, घोषणापत्र लागू न करने वाली राजनीतिक पार्टियों की मान्यता रद्द करने के लिए सेंट्रल इलेक्शन कमीशन से मांग की जा रही है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने “आप” सरकार के चुनाव घोषणापत्र (चुनावी गारंटी) को 100 परसेंट लागू करके पंजाब के वोटरों का भरोसा जीता है और इन चुनाव गारंटी के साथ-साथ अगले 5 सालों में लागू होने वाली नई जनहितैषी चुनाव गारंटी को हासिल करके, साल 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव में वोटरों का जनादेश हासिल करके और कांग्रेस, अकाली, BJP और दूसरी विपक्षी राजनीतिक पार्टियों को चुनाव में राजनीतिक रूप से शामिल करके, भगवंत मान सरकार जनता की सेवा के लिए दूसरी बार सत्ता में आएगी। एस. धालीवाल ने जनता दरबार लगाने का मुख्य मकसद बताते हुए कहा कि जनता दरबार में प्रभावित लोगों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने और बेवजह परेशानी उठाने के बजाय बिना किसी देरी के मौके पर ही न्याय मिलने की सुविधा मिलती है। पुलिस और सिविल एडमिनिस्ट्रेटिव अधिकारी कुछ शिकायतों को प्रायोरिटी देते हैं, जिनका कानूनी दिक्कतों की वजह से मौके पर हल नहीं हो पाता, ताकि उन शिकायतों को बाद में उनके ऑफिस में ही सुलझाया जा सके। उन्होंने कहा कि डिपार्टमेंट के अधिकारियों और कर्मचारियों को यह पक्का करना चाहिए कि लोगों के लिए होने वाले जनता दरबार के ठोस नतीजे मिलें, ताकि प्रभावित लोगों को बड़ी राहत मिले।

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