लुधियाना नगर निगम: कमिश्नर की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, महीनों बाद फोन उठाया तो भी ’10 मिनट’ का बहाना बनाकर किया किनारा

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लुधियाना’

जीत समाचार’ के संवाददाता द्वारा 

नगर निगम लुधियाना की कार्यप्रणाली को लेकर किए गए खुलासे ने प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी है। शहर की समस्याओं पर जवाब मांगने के लिए जब संवाददाता ने निगम कमिश्नर

डॉ. नीरू कात्याल गुप्ता

(जिन्होंने हाल ही में जनवरी 2026 में कार्यभार संभाला है) से संपर्क किया, तो प्रशासन की संवेदनहीनता का एक नया चेहरा सामने आया।

संपर्क की कोशिशें नाकाम: क्या अधिकारी मीडिया से डर रहे हैं ?

संवाददाता के अनुसार, जब से नई कमिश्नर ने कार्यभार संभाला है, उनसे शहर के ज्वलंत मुद्दों पर बात करने की लगातार कोशिश की जा रही थी। आज महीनों के लंबे इंतजार के बाद जब उन्होंने फोन उठाया, तो उम्मीद थी कि शहर की जनता को उनके सवालों के जवाब मिलेंगे। लेकिन कमिश्नर ने केवल “10 मिनट में फोन करती हूँ” कहकर पल्ला झाड़ लिया।

झूठे वादे और ‘स्विच ऑफ’ जवाबदेही

हैरानी की बात यह है कि वह ’10 मिनट’ कभी आए ही नहीं। संवाददाता ने जब दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, तो अधिकारी ने फोन उठाना ही बंद कर दिया। यह व्यवहार सीधे तौर पर सरकार के उन दावों को चुनौती देता है जिनमें कहा जाता है कि अधिकारी जनता और मीडिया के प्रति जवाबदेह हैं।

जनता के बीच चर्चा का विषय

शहर के जागरूक नागरिकों का कहना है कि अगर एक स्थापित समाचार पत्र के प्रतिनिधि को अपनी बात रखने के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता है और अंत में केवल ‘बहाना’ मिलता है, तो आम आदमी की स्थिति क्या होगी?

सड़कों की हालत: शहर की टूटी सड़कें और सफाई व्यवस्था पर जवाब देने वाला कोई नहीं है।

भ्रष्टाचार के आरोप: हाल के समय में निगम में भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आए हैं, जिन पर प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।

जीत समाचार की चेतावनी

‘जीत समाचार’ प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहता है कि फोन न उठाना या झूठे आश्वासन देना समस्याओं का समाधान नहीं है। यदि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से भागते रहे, तो आने वाले दिनों में इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा।

संवाददाता, जीत समाचार

 

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