ऑर्डर नंबर 106 पहले ही रद्द हो चुका, ऐसे में इस्तीफों का कोई कानूनी महत्व नहीं’ | 7 अगस्त को हाईकोर्ट में सरकार पेश करेगी आदेश की प्रति
लुधियाना, 3 अगस्त | कमल पवार
नगर निगम की F&CC (फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी) को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस पार्षद एवं याचिकाकर्ता गौरव भट्टी ने दो विधायकों के बेटों द्वारा F&CC सदस्यता से दिए गए इस्तीफों को “महज ड्रामा” करार दिया है। उनका कहना है कि यह लोगों को गुमराह करने का प्रयास है।
गौरव भट्टी ने दावा किया कि F&CC सदस्यों की कथित गैर-संवैधानिक नियुक्ति से संबंधित ऑर्डर नंबर 106 को पंजाब सरकार के स्थानीय निकाय विभाग, चंडीगढ़ द्वारा पहले ही रद्द किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि इस आदेश की प्रति 7 अगस्त, 2026 को पंजाब सरकार पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पेश करेगी, जिसकी एक प्रति उन्हें भी उपलब्ध कराई जाएगी। उनके अनुसार, जब नियुक्ति का आधार ही समाप्त हो चुका है, तो उसके बाद दिए गए इस्तीफों का कोई कानूनी महत्व नहीं रह जाता।
भट्टी ने कहा कि यह मामला किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि संविधान, डॉ. भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट, 1976 तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा हुआ है। उन्होंने इसे विपक्षी पार्षदों और लुधियाना के नागरिकों की जीत बताया।
उन्होंने कहा कि उनकी कानूनी लड़ाई का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना था कि नगर निगम में सभी निर्णय कानून और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुरूप लिए जाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि माननीय हाईकोर्ट के समक्ष कानून और सच्चाई की ही जीत होगी।
