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शहर में चर्चा: ग्लाडा वाले साहब आ गए, अब लेटलतीफी और रिश्वतखोरी पर लगेगी लगाम

लुधियाना, 16 जून (दिनेश कुमार शर्मा)

लुधियाना नगर निगम के नए कमिश्नरओजस्वी अलंकार ने कार्यभार संभालते ही प्रशासनिक अमले को सख्त संदेश दिया है कि अब निगम का कामकाज पूरी जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ चलेगा। विभाग प्रमुखों के साथ हुई पहली बैठक में उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि जनता के कार्यों में देरी और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

क्या हैं नए आदेश ?

समय पर उपस्थिति अनिवार्य

सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहना होगा। सुबह 7:40 बजे के बाद आने वालों की अनुपस्थिति दर्ज की जाएगी।

‘नो सीट, नो सैलरी’ नीति

ड्यूटी के दौरान अधिकारी और कर्मचारी अपनी सीट पर मौजूद रहें। बिना सूचना अनुपस्थित पाए जाने पर वेतन कटौती की कार्रवाई की जा सकती है।

पब्लिक फर्स्ट पॉलिसी

जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, नक्शा पास करवाने, पानी और सीवरेज संबंधी शिकायतों जैसे मामलों का निपटारा सात दिनों के भीतर करना होगा। कोई भी फाइल तीन दिन से अधिक एक ही टेबल पर लंबित नहीं रहनी चाहिए।

सरप्राइज चेकिंग

कमिश्नर स्वयं किसी भी समय किसी भी वार्ड कार्यालय या शाखा का औचक निरीक्षण कर सकते हैं।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस

रिश्वतखोरी या जनता के साथ दुर्व्यवहार की एक भी शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी दिखा चुके हैं सख्त प्रशासन

नए कमिश्नर इससे पहले ग्लाडा में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वहां उन्होंने अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चलाया, बिल्डरों पर कार्रवाई की और ऑनलाइन व्यवस्था को मजबूत बनाया। निगम कर्मचारियों के बीच चर्चा है कि “ग्लाडा वाले साहब आ गए हैं, अब काम करना ही पड़ेगा।

“मैं पब्लिक सर्वेंट हूं” — कमिश्नर

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कमिश्नर ने कहा कि वह केवल कुर्सी पर बैठकर आदेश देने नहीं आए हैं, बल्कि जनता की सेवा के लिए आए हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के टैक्स से सरकारी व्यवस्था चलती है, इसलिए जनता का काम सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि प्रतिदिन यह रिपोर्ट ली जाएगी कि कितने लोगों के कार्य पूरे हुए और कितने लंबित हैं। यदि नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े तो जिम्मेदार अधिकारियों को जवाब देना होगा।

जनता ने किया स्वागत

नगर निगम पहुंचे कई नागरिकों ने नए कमिश्नर के फैसलों का स्वागत किया। लोगों का कहना है कि यदि ये निर्देश प्रभावी ढंग से लागू होते हैं तो लंबित कार्यों का जल्द समाधान संभव होगा।

विपक्ष ने भी सराहा कदम

विपक्षी पार्षदों ने भी कहा कि यदि निगम प्रशासन में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं तो वे पूरा सहयोग देंगे। हालांकि यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या यह सख्ती लंबे समय तक जारी रह पाएगी।

अगला कदम

सूत्रों के अनुसार कमिश्नर ने सभी जोनल अधिकारियों से पिछले छह महीनों की लंबित फाइलों की सूची मांगी है। साथ ही ‘पब्लिक ग्रीवेंस सेल’ को 24 घंटे सक्रिय रखने और नागरिकों के लिए व्हाट्सऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था शुरू करने के निर्देश भी दिए हैं।