सूत्रों का दावा—नहर किनारे 2000 गज में प्लॉटिंग की तैयारी | नियमों और मंजूरी प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों के अलग-अलग बयान
लुधियाना, 3 अगस्त 2026 (विक्की कुमार)
क्या जोन-सी के ब्लॉक-37 में नियमों को दरकिनार कर प्लॉटिंग की जा रही है? ‘जीत समाचार’ की पड़ताल में सामने आए तथ्यों और सूत्रों से मिली जानकारी ने एक बार फिर नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला नहर के समीप लगभग 2000 वर्ग गज भूमि पर कथित प्लॉटिंग से जुड़ा है।
सूत्रों के अनुसार, ब्लॉक-37 में करीब 2000 वर्ग गज क्षेत्र में प्लॉट विकसित किए जा रहे हैं और कथित तौर पर 30 से 40 हजार रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से बिक्री की पेशकश की जा रही है। यह भी दावा किया गया है कि मौके पर प्लॉटों की निशानदेही का कार्य शुरू हो चुका है।
बिल्डिंग इंस्पेक्टर, जोन-सी: “
2000 गज में भी कॉलोनी बन सकती है”पर किस नियम के तहत, ये स्पष्ट नहीं किया
इलाका काउंसिलर:
“मुझे ऐसी किसी कॉलोनी की जानकारी नहीं है। 2000 गज में कॉलोनी विकसित नहीं की जा सकती। इसके लिए कम से कम 5 एकड़ भूमि की आवश्यकता होती है।”
विधायक, आत्म नगर:
कॉलोनी विकसित करने के लिए निर्धारित न्यूनतम भूमि का प्रावधान है। मामला मेरे संज्ञान में आया है। कल सुबह इसकी जांच करवाऊंगा और नगर निगम के संबंधित अधिकारियों से भी जानकारी लूंगा। यदि अनि
पीसीएस अधिकारी, बिल्डिंग ब्रांच:
“कॉलोनी विकसित करने के लिए सामान्यतः कम से कम 4 एकड़ या उससे अधिक भूमि की आवश्यकता होती है। यदि कमर्शियल प्रोजेक्ट है तो निर्धारित ओपन स्पेस छोड़ना अनिवार्य है।”
जीत समाचार’ के सवाल
1 यदि न्यूनतम प्रावधान 4 से 5 एकड़ है, तो 2000 वर्ग गज = 0.45 एकड़ में कथित प्लॉटिंग किस आधार पर?
2 क्या सक्षम प्राधिकारी से आवश्यक अनुमति प्राप्त की गई है?
3 क्या नगर निगम ने मौके का निरीक्षण किया है?
4 यदि नहीं, तो क्या अब निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई होगी?
अब निगाहें नगर निगम प्रशासन और संबंधित विभागों पर हैं। यदि कथित प्लॉटिंग नियमों के अनुरूप है तो स्थिति स्पष्ट की जाए। यदि उल्लंघन है तो कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित हो।’जीत समाचार’ इस पूरे मामले की पड़ताल जारी रखे हुए है और जांच से जुड़े हर घटनाक्रम पर अपने पाठकों को तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराता रहेगा।
