खबर लगाई तो पत्रकार को धमकी! इंस्पेक्टर ने माना—मैंने दिया था नंबर, ATP की चुप्पी पर भी सवाल!
समराला चौक की बिल्डिंग पर बवाल! सरकारी खजाने को लाखों के नुकसान और पार्किंग व्यवस्था पर सवाल, अब मालिकों पर मेहरबानी होगी या कानून के मुताबिक कार्रवाई?
लुधियाना 19 अक्टूबर 2026 शर्मा
लुधियाना नगर निगम के जोन-B की बिल्डिंग ब्रांच एक बार फिर सवालों के घेरे में है! समराला चौक की एक बिल्डिंग को लेकर सरकारी राजस्व को लाखों रुपये के नुकसान और पार्किंग व्यवस्था में कथित अनियमितताओं की खबर प्रकाशित होने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है।पत्रकार का आरोप है कि खबर से नाराज बिल्डिंग मालिक से जुड़े एक व्यक्ति ने फोन पर बदतमीजी की और धमकी दी। पत्रकार के मुताबिक, इस बातचीत की रिकॉर्डिंग उसके पास सुरक्षित है।
इंस्पेक्टर ने माना—दिया था नंबर!
पत्रकार के अनुसार, जब इस मामले में जोन-B के बिल्डिंग इंस्पेक्टर से बातचीत की गई, तो उन्होंने नंबर देने की बात स्वीकार की। साथ ही उन्होंने कथित धमकी को गलत बताते हुए कहा कि वह मामले की जांच करवाएंगे और बिल्डिंग के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने पार्किंग व्यवस्था को भी नियमों के अनुसार सुनिश्चित करवाने का भरोसा दिया।
अब सवाल—कार्रवाई होगी या सिर्फ आश्वासन?
अगर बिल्डिंग निर्माण में नियमों की अनदेखी हुई है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? क्या स्वीकृत नक्शे, सरकारी फीस और पार्किंग व्यवस्था की जांच होगी? और पत्रकार को कथित धमकी देने वाले के खिलाफ क्या कदम उठाए जाएंगे?
ATP का भी आया बयान—मौके पर जांच करवाऊंगा!
ATP ने बातचीत के दौरान कहा कि वह मौके पर जांच करवाकर बिल्डिंग के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई करवाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी ने पत्रकार को धमकी दी है, तो यह गलत बात है और इसकी भी जांच करवाई जाएगी।ATP के मुताबिक, बिल्डिंग कानून के दायरे में ही बनेगी। कंपाउंडिंग फीस के नियमों के तहत जो निर्माण नियमित हो सकता है या जिसका नक्शा नियमानुसार पास हो सकता है, उसी प्रक्रिया के अनुसार आगे कार्रवाई होगी। नियमों से बाहर जाकर निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अब देखना होगा—बिल्डिंग मालिकों को राहत मिलेगी या बिल्डिंग ब्रांच कानून के मुताबिक कार्रवाई करेगी? क्या स्वीकृत नक्शे, पार्किंग और सरकारी फीस की जांच होगी, या मामला सिर्फ आश्वासनों तक सीमित रहेगा?

