लुधियाना: त्यौहार के उत्साह के बीच प्रशासनिक बेरुखी, संबंधित अधिकारी बोले- ‘शिकायत आएगी तभी करेंगे कार्रवाई’

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जीत समाचार 13 जनवरी 2026 लुधियाना की स्पेशल रिपोर्ट

लुधियाना, महानगर में आज लोहड़ी का त्यौहार बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती ने आम जनता के रंग में भंग डाल दिया है। शहर के कई इलाकों में व्याप्त समस्याओं और त्यौहार के दौरान होने वाली असुविधाओं को लेकर जब हमारे प्रतिनिधि ने संबंधित नगर निगम तहबाजारी अधिकारी विनीत कुमार से फोन पर बात की, तो उनका जवाब बेहद निराशाजनक रहा।

अधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा,

“हमारे पास जब लिखित शिकायत (कंप्लेंट) आएगी, तभी हम मामले को देखेंगे और कार्रवाई करेंगे।”

क्या बिना शिकायत के नहीं होगा सुधार ?

जवाहर नगर कैंप

अधिकारी के इस बयान ने लुधियाना की जनता के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है। सवाल यह उठता है कि क्या लोहड़ी जैसे बड़े त्यौहार पर, जब सड़कों पर भीड़ और अव्यवस्था का माहौल है, तब भी प्रशासन केवल कागजी कार्रवाई का इंतजार करेगा? क्या अधिकारियों की यह नैतिक जिम्मेदारी नहीं है कि वे त्यौहार के सीजन में शहर की स्थिति का स्वतः संज्ञान लें और व्यवस्था दुरुस्त करें?

जनता का बुरा हाल, अधिकारी मौन
स्थानीय निवासियों का कहना है कि शहर के कई हिस्सों में कूड़े के ढेर, खराब स्ट्रीट लाइट और अतिक्रमण के कारण त्यौहार का मजा किरकिरा हो रहा है। ऐसे में अधिकारी का यह कहना कि ‘शिकायत आने पर ही काम होगा’, उनकी संवेदनहीनता को दर्शाता है। लोहड़ी खुशियों का त्यौहार है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण लोग परेशान हैं।

प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल
यदि हर छोटे-बड़े काम के लिए आम नागरिक को सरकारी दफ्तरों की चौखट पर जाकर शिकायत दर्ज करानी पड़े, तो फिर तैनात अमले और निगरानी तंत्र का क्या अर्थ रह जाता है? विनीत कुमार के इस बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासन जमीनी हकीकत से दूर है और शायद उसे आम जनता की तकलीफों से कोई सरोकार नहीं है।

अब देखना यह होगा कि इस बयान के बाद क्या उच्च अधिकारी हरकत में आते हैं या लुधियाना की जनता इसी तरह व्यवस्था की शिकार बनी रहेगी।

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