श्री बाबा बालक नाथ जी को रोट का प्रसाद क्यों दिया जाता है ?

जीत समाचार की स्पेशल धार्मिक रिपोर्ट (यादविंदर)

 रोड प्रसाद की फोटो

श्री बाबा बालक नाथ जी को “रोट” (आटे, घी .गुड़ और चीनी से बना प्रसाद) इस लिए चढ़ाया जाता है क्योंकि यह उनकी तपस्या और सादगी का प्रतीक है।

अत्यधिक स्वच्छता और शुद्धता: 

रोट बनाने के लिए रसोई घर को पहले अच्छी तरह साफ़ करें और हो सके तो रोट बनाने के लिए उपयोग होने वाले बर्तनों को अलग रखें। रोट बनाने वाले व्यक्ति को स्नान करके, साफ़ कपड़े पहनकर ही

प्रसाद तैयार करना चाहिए।

मान्यता है

कि उन्होंने माई रत्नो के घर 12 वर्षों तक गायें चराते हुए तपस्या की, जिसके दौरान वे केवल रोटी और लस्सी ही ग्रहण करते थे।

पौराणिक मान्यता:

कहा जाता है कि एक बार माई रत्नो ने ताना मारा कि बाबा 12 साल से रोटी-लस्सी खा रहे हैं, तब बाबा ने अपनी चमत्कारी शक्तियों से बरगद के पेड़ से 12 वर्षों की रोटी और लस्सी प्रकट कर दी थी।

प्रसाद का महत्व:

रोट का प्रसाद उनके इसी तप और साधना को समर्पित है।

दियोट सिद्ध:

हिमाचल के प्रसिद्ध सिद्धपीठ दियोटसिद्ध में रोट का भोग लगाना विशेष महत्व रखता है और यह वहाँ पूरे बाजार में उपलब्ध होता है।

शुद्धता (स्वच्छता):

जिस स्थान पर रोट का भोग लगाया जाए, वह स्थान पूरी तरह से साफ-सुथरा होना चाहिए। भोग लगाने वाले व्यक्ति को स्नान कर, साफ कपड़े पहनने चाहिए।

साधना का प्रतीक:

यह प्रसाद सादगी, समर्पण और बाबा की “पोंहारी” (केवल दूध-रोटी खाने वाले) होने की छवि को दर्शाता है।

यह प्रसाद भक्त अपनी श्रद्धा और मनोकामनाओं के पूरा होने के लिए रविवार को विशेष रूप से चढ़ाते हैं।

विशेष ध्यान दें:

रोट प्रसाद (भोग) के दिन घर में मीट-शराब का सेवन न करें और श्रद्धा-भाव से पूर्ण शुद्धता का ध्यान रखते हुए भोग लगाया जाए, तो बाबा जी उसे स्वीकार करते हैं।

निष्कर्ष: 

यदि आप पूरी पवित्रता के साथ (घर के अन्य तामसिक भोजन से अलग) रोट प्रसाद बना सकते हैं और पूजा के समय घर में शुद्धि रख सकते हैं, तो ही प्रसाद भोग लगाना उचित है।

सभी श्रद्धालुओं कोजानने का अधिकार:

श्री बाबा बालक नाथ जी को जो रोट का प्रसाद लगता है जानकारी लेकर आए हैं  किसी की भावना को ठेस नहीं पहचाना चाहते  और जो बाबा जी के साथ जुड़े

हैं उनको भी इतिहास को जानने का हक है श्री बाबा बालक नाथ जी कैसे शुरू हुआ था रोट का प्रसाद कैसे शुरू हुआ था लगाना सारी बातें श्रद्धालुओं के सामने जल्द ही लेकर आएंगे

जीत समाचार

 

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