हिमाचल प्रदेश में क्रेशर घोटाले
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क्रेशर उद्योग में अवैध तरीके से माल की तस्करी: एक बड़ा घोटाला
देवभूमि हिमाचल प्रदेश में सरकार मौन
हमीरपुर। सतीश शर्मा विट्टू।
वजन करने के लिए कितने क्रेशर पर वजन करने के लिए धर्मकांटा लगाए गए हैं, इसकी जानकारी नहीं है। लेकिन यह बात सामने आई है कि कई क्रेशर फार्म एक्स व फार्म डब्लू का प्रयोग नहीं करते हैं।
फार्म डब्लू का प्रयोग लीज वाली जगह से जो मैटिरियल भेजा जाता है, उसकी पूरी डिटेल उस पर नोट होती है, जिसमें कितना माल आया और कितना गया, इसकी जानकारी होती है। लेकिन अवैध तरीके से हर दिन माल लीज वाली खड्ड से भर कर भेजा जाता है, जब वजन के लिए कांटे नहीं होते हैं, तो फार्म एकस का झोल अलग होता है।
क्रेशर पर फार्म एक्स व फार्म डब्लू की डिटेल्स
क्रेशर पर फार्म एक्स व फार्म डब्लू की डिटेल्स निम्नलिखित हैं:
फार्म एक्स:
क्रेशर का नाम और पता
माल की मात्रा (टन में)
माल की किस्म (पत्थर, रेत, आदि)
माल का स्रोत (खदान, नदी, आदि)
माल का गंतव्य स्थान
वाहन का नंबर और प्रकार
ड्राइवर का नाम और संपर्क नंबर
फार्म डब्लू:
क्रेशर का नाम और पता
माल की मात्रा (टन में)
माल की किस्म (पत्थर, रेत, आदि)
माल का स्रोत (खदान, नदी, आदि)
माल का गंतव्य स्थान
वाहन का नंबर और प्रकार
ड्राइवर का नाम और संपर्क नंबर
लीज वाली जगह का नाम और पता
माल की दर और कुल मूल्य
यह डिटेल्स क्रेशर पर उपलब्ध होनी चाहिए और अधिकारियों द्वारा जांच के लिए उपयोग की जा सकती है।
यह एक बड़ा घोटाला है, जिसमें क्रेशर मालिकों और अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध तरीके से माल की तस्करी की जा रही है। इस मामले की जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
