भ्रष्टाचार की जाँच के दौरान पब्लिक डीलिंग जारी रखना नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है

लुधियाना  25 फरवरी 2026 दिनेश कुमार
भ्रष्टाचार की जाँच के दौरान पब्लिक डीलिंग जारी रखना नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है  हाँ, भ्रष्टाचार की जाँच के दौरान किसी अधिकारी द्वारा पब्लिक डीलिंग  जारी रखना
नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है, और इसके लिए ठोस कानूनी व प्रशासनिक प्रावधान मौजूद हैं

निलंबन (Suspension) के नियम: CCS (CCA) नियम, 1965 के नियम 10 के तहत, यदि किसी लोक सेवक के खिलाफ भ्रष्टाचार या गंभीर कदाचार की जांच लंबित है, तो उसे निलंबित किया जा सकता है। निलंबन का मुख्य उद्देश्य अधिकारी को उसके कर्तव्यों से अस्थायी रूप से हटाना होता है ताकि वह जांच को प्रभावित न कर सके।

सार्वजनिक हित और भ्रष्टाचार: नियमों के अनुसार, भ्रष्टाचार के मामलों में निलंबन इसलिए भी जरूरी माना जाता है क्योंकि ऐसे अधिकारी का पद पर बने रहना “सार्वजनिक हित” के खिलाफ हो सकता है और इससे कार्यालय के अनुशासन पर बुरा असर पड़ता है।

साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़: यदि अधिकारी पब्लिक डीलिंग में बना रहता है, तो इस बात की आशंका प्रबल होती है कि वह दस्तावेजों या गवाहों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है।

अदालत का रुख: कई अदालती फैसलों में यह स्पष्ट किया गया है कि भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे अधिकारियों को पद पर बहाल करना या उन्हें सक्रिय ड्यूटी पर रखना  उचित नहीं है।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत भी यदि कोई अधिकारी जांच के घेरे में है, तो विभाग अक्सर उसे किसी ऐसे पद पर स्थानांतरित कर देता है जहाँ उसका सीधा जनता से संपर्क न हो (Non-sensitive post) या उसे पूरी
तरह निलंबित कर दिया जाता है।
संक्षेप में, भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारी का पब्लिक डीलिंग जारी रखना न केवल (ACB गाइडलाइंस) के नियमों का उल्लंघन है, बल्कि प्रशासनिक ईमानदारी को भी खतरे में डालता है।
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