संयुक्त किसान मोर्चा ने युवा रणजीत सिंह के फर्जी एनकाउंटर की जांच माननीय हाई कोर्ट के मौजूदा जज से कराने की मांग की है।
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SSP गुरदासपुर को सस्पेंड किया जाए और आरोपी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मर्डर केस दर्ज किया जाए
देहलों 1 मार्च (जसवीर सिंह)
संयुक्त किसान मोर्चा ने पंजाब सरकार द्वारा राज्य को पुलिस राज में बदलकर पुलिस पर ज़ुल्म करने की खुली छूट देने की कड़ी निंदा की है। संयुक्त किसान मोर्चा ने गुरदासपुर जिले में एनकाउंटर में 19 साल के रंजीत सिंह की हत्या की पुलिस की कहानी को पूरी तरह से खारिज कर दिया है और इस एनकाउंटर की जांच पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के मौजूदा जज से कराने, आरोपी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मर्डर केस दर्ज करने और गुरदासपुर के SSP को सस्पेंड करने की मांग की है।
एक प्रेस बयान जारी कर संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने पंजाब की भगवंत सिंह मान सरकार द्वारा राज्य में पुलिस को लोगों पर ज़ुल्म करने की खुली छूट देने की कड़ी निंदा की और कहा कि ऐसा लगता है कि राज्य में पुलिस का राज है, न कि कोई डेमोक्रेटिक सरकार। नेताओं ने बयान में कहा कि जिस तरह से पंजाब के मुख्यमंत्री ने इस मामले में अपने बयान बदले हैं, उससे साफ पता चलता है कि उनका व्यवहार कितना गैर-जिम्मेदाराना है। अगर राज्य के लोगों का रखवाला ही गैर-जिम्मेदाराना बर्ताव करेगा, तो पुलिस की ज्यादतियों को कौन रोकेगा?
इस मौके पर, संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने रणजीत सिंह के परिवार के साथ गहरा दुख जताया और कहा कि वे रणजीत सिंह के एनकाउंटर को लेकर पुलिस की बनाई कहानी को पूरी तरह से खारिज करेंगे और परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए हर तरह का सहयोग करेंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा है कि पिछले साल से किसानों समेत हर वर्ग के संघर्षों को पुलिस दबा रही है और पुलिस एनकाउंटर में भी यही कहानी कही जा रही है। लोगों की लोकतांत्रिक आवाज को दमन के जरिए दबाना और उसी कहानी के साथ पुलिस एनकाउंटर यह दिखाते हैं कि आम आदमी पार्टी सरकार बुलडोजर राज बनाने की भाजपा की रणनीति को लागू कर रही है। मोर्चे ने पंजाब के हर इंसाफ पसंद निवासी से इस ज़ुल्म के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की है।
