जीत समाचार एक्सक्लूसिव: आर-पार के मूड में स्वामी धनंजय गिरी महाराज

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मंदिरों के खजाने पर सरकार की टेढ़ी नज़र, सुविधाओं के नाम पर ‘शून्य’ व्यवस्था: स्वामी धनंजय गिरी जी महाराज का बड़ा ऐलान

हिमाचल से सतीश शर्मा की रिपोर्ट

प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं से आने वाले करोड़ों रुपये के चढ़ावे और वहां की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर  श्री हिन्दू तख्त के राष्ट्रीय अध्यक्ष क्रांतिकारी तपस्वी स्वामी धनंजय गिरी जी महाराज  ने हिमाचल सरकार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। स्वामी जी ने बेहद तल्ख लहजे में सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि “सरकारें मंदिरों का सारा पैसा और चढ़ावा तो बटोर कर ले जाती हैं, लेकिन जब श्रद्धालुओं को सुविधा देने की बारी आती है, तो हाथ पीछे खींच लिए जाते हैं।”

“मंदिरों को सरकारी कब्जे से आजाद कराने का शंखनाद”

स्वामी धनंजय गिरी जी महाराज ने पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा कि वे पहले भी मंदिरों की दुर्दशा के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंक चुके हैं। उन्होंने दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जल्द ही धार्मिक स्थलों पर डॉक्टरों और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं का पुख्ता प्रबंध नहीं किया गया, तो वे एक बार फिर ‘मंदिर मुक्ति आंदोलन’ शुरू करेंगे। उन्होंने कहा, “श्रद्धालु अपनी गाढ़ी कमाई का लाखों-करोड़ों रुपया श्रद्धा से चढ़ाते हैं, लेकिन सरकार उस पैसे का उपयोग श्रद्धालुओं के हित में करने के बजाय कहीं और कर रही है।”

प्रशासनिक संवेदनशीलता की मिसाल: फिर भी कुछ अधिकारी निभा रहे मानवता

व्यवस्था पर कड़ा प्रहार करने के साथ ही स्वामी जी ने एसडीएम बड़सर और मंदिर अधिकारी केशव कुमार की कार्यप्रणाली को एक अपवाद और मिसाल बताया। उन्होंने एक दुखद घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक श्रद्धालु की मृत्यु के बाद इन अधिकारियों ने जिस तरह से तत्काल एम्बुलेंस का प्रबंध कर शव को ससम्मान घर तक पहुँचाया, वह काबिले तारीफ है। स्वामी जी ने कहा, “जहाँ एक तरफ पूरी व्यवस्था संवेदनहीन हो चुकी है, वहीं एसडीएम बड़सर और मंदिर अधिकारी जैसे कुछ ही अधिकारी हैं जो वास्तव में मानवता और सेवा धर्म को जीवित रखे हुए हैं।”

स्वामी जी ने घोषणा की कि श्री हिन्दू तख्त की ओर से जल्द ही इन जांबाज अधिकारियों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा, ताकि अन्य अधिकारियों को भी इनसे प्रेरणा मिल सके।

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