बाबा बालक नाथ में 1975 में कैसे पहुंची थी लाइट रिसर्च जीत समाचार
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दियोटसिद्ध। सतीश शर्मा विट्टू। बाबा बालक नाथ की तपोभूमि में विद्युत आपूर्ति का कोई प्रबंध नहीं था हिमाचल प्रदेश में विभिन्न गांव में लाइट लगाने की व्यवस्था की जा रही थी लेकिन बाबा बालक नाथ में जब विद्युत आपूर्ति की जानी थी तो चकमोह गांव में विद्युत की आपूर्ति पहुंची लेकिन बाबा बालक नाथ मंदिर तक विद्युत की सप्लाई के लिए विद्युत विभाग₹12000 की राशि उपलब्ध करवाए जाने की मांग कर रहा था ताकि बाबा बालक नाथ तक लाइन बिछाकर विद्युत आपूर्ति की जा सके। लोगों के पास इतने पैसे नहीं थे जब इस बात का पता महंत को चला तो महंत ने अपनी आय से उस पैसे का बंदोबस्त करवा कर बाबा बालक नाथ की तपोभूमि में विद्युत आपूर्ति उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। बरसों बाद भी लोग याद करते हैं बाबा बालक नाथ के महंत श्री श्री श्री 1008 शिवगिरी महाराज को वर्तमान में उनके चेले श्री श्री श्री 1008 राजेंद्र गिरी महंत हैं।
शिवगिरी महाराज का बाबा बालक नाथ मंदिर में लंगर शुरू करने के अलावा शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान है चाहे डिग्री कॉलेज हो चाहे संस्कृत कॉलेज चाहे स्कूल उनकी देन है को ठहरने की व्यवस्था हो अथवा पेयजल की व्यवस्था महंत का योगदान लाजवाब है।
गरीब लड़कियों की शादी तथा गरीबों को बीमारी के लिए भी महंत धन उपलब्ध करवाते थे।
