लुधियाना नगर निगम में ‘आरोपी ही बना जज’: क्लर्क ने खुद की शिकायत को किया ‘Resolved’
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शिकायतकर्ता का आरोप- प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन, विजिलेंस जांच की मांग
लुधियाना से यादविंदर की रिपोर्ट
लुधियाना नगर निगम वार्ड-39 में भ्रष्टाचार की शिकायत पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिस सहायक क्लर्क लखवीर सिंह उर्फ लकी के खिलाफ उन्होंने शिकायत की थी, उसी कर्मचारी ने खुद ही अपनी जांच कर शिकायत को ‘RESOLVED’ मार्क कर दिया।
क्या है मामला?
गंभीर आरोप के बावजूद पब्लिक डीलिंग:
शिकायतकर्ता के अनुसार, लखवीर सिंह पर भ्रष्टाचार और नियम उल्लंघन के गंभीर आरोप हैं, फिर भी उन्हें पब्लिक डीलिंग का काम दिया गया है।
आरोपी को ही सौंपी फाइल:
विभागीय रिकॉर्ड दिनांक 28 अप्रैल 2026 के अनुसार, सुपरिंटेंडेंट संजीव कुमार उप्पल ने शिकायत की जांच का जवाब देने के लिए फाइल सीधे आरोपी कर्मचारी लखवीर सिंह को ही भेज दी।
खुद ही बना जांच अधिकारी:
सबसे आपत्तिजनक बात यह है कि लखवीर सिंह ने खुद ही अपनी शिकायत का जवाब तैयार किया और कुछ ही घंटों में पोर्टल पर उसे ‘RESOLVED’ कर दिया। यह “कोई भी व्यक्ति अपने मामले में स्वयं जज नहीं हो सकता” के सिद्धांत का उल्लंघन है।
भ्रामक जानकारी का आरोप: शिकायतकर्ता का दावा है कि जवाब में “कोर्ट केस लंबित होने” का बहाना बनाया गया, जबकि इसका कोई पुख्ता प्रमाण नहीं दिया गया।
शिकायतकर्ता की मांग:पीड़ित ने मांग की है कि शिकायत आईडी 20260617359 को तुरंत री-ओपन किया जाए। मामले की जांच नगर निगम से बाहर किसी स्वतंत्र एजेंसी या विजिलेंस विभाग से कराई जाए। साथ ही खुद को क्लीन चिट देने के अवैध कृत्य पर लखवीर सिंह के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई हो और जांच किसी राजपत्रित अधिकारी से कराई जाए।
नगर निगम का पक्ष: इस मामले में निगम अधिकारियों से संपर्क किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान नहीं मिला।
शिकायतकर्ता के द्वारा इस ही दिन शिकायत उचित कार्यों को कर डाली थी
