नगर निगम लुधियाना बधाई हो ज़ोन सी | 61 चालानों का ड्रामा, बिल्डिंग तैयार | एटीपी ज़ोन सी-इंस्पेक्टर दोनों चुप, पीसीएस अधिकारी बोले – “कार्रवाई होगी”
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शिकायतों और चालानों के बावजूद निर्माण जारी रहने से उठे सवाल | उच्च अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी के आरोप
लुधियाना | 27 जुलाई 2026 | जीत समाचार ब्यूरो
नगर निगम लुधियाना के ज़ोन सी की बिल्डिंग ब्रांच एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ब्लॉक-21 स्थित एक कथित अवैध निर्माण को लेकर शिकायतकर्ता ने निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, “कमिश्नर साहब, आपके कर्मचारियों को बधाई। बिल्डिंग तो तैयार करवा दी।” शिकायतकर्ता का आरोप है कि बार-बार शिकायतों और चालानों के बावजूद निर्माण कार्य नहीं रोका गया और अब इमारत लगभग पूरी हो चुकी है।
61 चालानों के बावजूद नहीं रुका निर्माण
सूत्रों के मुताबिक, 15 फीट चौड़ी सड़क पर बन रही इस कथित अवैध बिल्डिंग को लेकर अब तक 61 चालान किए जा चुके हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस निर्माण का भी चालान किया गया होगा, लेकिन कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रही। आरोप है कि चालान तो काटे गए, लेकिन मौके पर निर्माण कार्य लगातार चलता रहा।
शिकायत के बाद भी प्लास्टर तक पहुंचा काम
शिकायतकर्ता का कहना है कि जब पहली बार इस निर्माण की शिकायत की गई थी, तब भवन का केवल ढांचा तैयार हो रहा था। इसके बावजूद समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। अब स्थिति यह है कि भवन का प्लास्टर तक पूरा हो चुका है। इससे नगर निगम की कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
कर्मचारियों से संपर्क नहीं हो सका
मामले में पक्ष जानने के लिए संबंधित एटीपी ज़ोन सीऔर बिल्डिंग इंस्पेक्टर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक दोनों अधिकारियों ने फोन रिसीव नहीं किया।
पीसीएस अधिकारी ने दिए जांच के संकेत
मामले पर बिल्डिंग ब्रांच के पीसीएस अधिकारी ने कहा कि इस निर्माण की शिकायत पहले भी प्राप्त हुई थी और संबंधित एटीपी ज़ोन सीतथा बिल्डिंग इंस्पेक्टर को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।
उन्होंने कहा,
इस बिल्डिंग की शिकायत पहले भी आई थी। एटीपी ज़ोन सीऔर इंस्पेक्टर को कार्रवाई के लिए कहा गया था। अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। मैं इसकी जांच करवाऊंगा। जो भी नियमानुसार कार्रवाई बनती होगी, वह की जाएगी। यदि कर्मचारियों ने आदेशों की पालना नहीं की है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
जीत समाचार का सवाल
यदि वरिष्ठ अधिकारी के निर्देश जारी होने के बाद भी कथित अवैध निर्माण पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आदेशों के पालन में देरी या कमी क्यों हुई? साथ ही, यदि किसी क्षेत्र में निर्माण नियमों के उल्लंघन के आरोप हैं, तो संबंधित मामलों में समयबद्ध और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।
अब देखना यह होगा कि घोषित जांच के बाद नगर निगम इस मामले में क्या कदम उठाता है और कथित अनियमितताओं पर क्या कार्रवाई की जाती है।
