लुधियाना में 2 सीए पर 175.53 करोड़ की संदिग्ध विदेशी रेमिटेंस का केस | फर्जी प्रमाणपत्रों से विदेश भेजी गई करोड़ों की रकम का आरोप
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आयकर विभाग की शिकायत पर मामला दर्ज | शेल कंपनियों के जरिए रकम विदेश भेजने का आरोप | तीन साल में 175 करोड़ से ज्यादा की रेमिटेंस, जांच जारी
लुधियाना, 23 अगस्त (विक्रम सैनी)
लुधियाना में संदिग्ध विदेशी रेमिटेंस से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। आयकर विभाग की शिकायत के आधार पर सराभा नगर थाना पुलिस ने दो चार्टर्ड अकाउंटेंट ऋषभ गुप्ता और लवप्रीत सिंह के खिलाफ करीब 175.53 करोड़ रुपये की संदिग्ध विदेशी रेमिटेंस के मामले में केस दर्ज किया है।आयकर विभाग की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दोनों सीए ने संबंधित कंपनियों के खातों, दस्तावेजों और लेन-देन की पर्याप्त जांच किए बिना कथित तौर पर फर्जी फॉर्म 15सीबी प्रमाणपत्र तैयार किए और जारी किए। आरोप यह भी है कि इन प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल बैंकों के माध्यम से बड़ी रकम विदेश भेजने के लिए किया गया।
आयकर विभाग के सर्वे के बाद खुला मामला
पुलिस के अनुसार, 18 अगस्त 2026 को आयकर विभाग की जांच शाखा ने ऋषभ गुप्ता एंड एसोसिएट्स के कार्यालय में सर्वे किया। जांच के दौरान संबंधित कंपनी के पंजीकृत पते पर एक छोटा केबिन मिला, जो कथित तौर पर बंद था।
शिकायत के मुताबिक, आसपास के लोगों ने अधिकारियों को बताया कि वहां करीब छह महीने से कोई कामकाज नहीं हो रहा था।
शेल कंपनियों के जरिए करोड़ों विदेश भेजने का आरोप
आयकर विभाग की शिकायत में कथित तौर पर कई ऐसी कंपनियों का उल्लेख किया गया है, जिनका वास्तविक कारोबार संदिग्ध बताया गया है। शिकायत के अनुसार, मैसर्स कर्मण्यु इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड समेत कुछ कंपनियों के खातों में भारतीय कंपनियों से बड़ी रकम जमा कराई गई।
आरोप है कि बाद में इन रकम को कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर सेवाओं के भुगतान के नाम पर विदेश भेजा गया।
तीन साल में 175.53 करोड़ से ज्यादा की रेमिटेंस
शिकायत के अनुसार, वर्ष 2023 से 2026 के बीच तीन वित्तीय वर्षों में बैंकों के माध्यम से कुल 175.53 करोड़ रुपये से अधिक की रकम विदेश भेजी गई।
1 2023-24: 55.14 करोड़ रुपये
2 2024-25: 47.50 करोड़ रुपये
3 2025-26: 72.88 करोड़ रुपये
डिजिटल हस्ताक्षर के इस्तेमाल पर भी सवाल
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सीए ऋषभ गुप्ता के डिजिटल हस्ताक्षर का इस्तेमाल उनके साथी सीए लवप्रीत सिंह ने किया। आयकर विभाग का आरोप है कि दोनों ने कथित तौर पर ऐसे प्रमाणपत्र तैयार किए, जिनका बाद में विदेशी भुगतान के लिए इस्तेमाल हुआ।
अब पुलिस खंगालेगी पूरा नेटवर्क
पुलिस ने आयकर विभाग की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि रकम किन कंपनियों और खातों के जरिए विदेश भेजी गई, विदेशी लेन-देन में और कौन लोग शामिल थे तथा कथित दस्तावेजों की तैयारी और इस्तेमाल में किसकी क्या भूमिका रही।
फिलहाल पुलिस और आयकर विभाग की जांच जारी है। लगाए गए सभी आरोप जांच का विषय हैं और आरोपियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
