जोन-C में बिल्डिंग नियमों की धज्जियां?

EXPOSE: शिकायत के बावजूद निर्माण जारी, कार्रवाई के दावों पर उठे सवाल

जीत समाचार | EXCLUSIVE | 20 सितंबर 2026 | रविवार

नगर निगम लुधियाना की बिल्डिंग ब्रांच जोन-C ब्लॉक 29 में कथित अवैध निर्माण को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। शिकायत और खबरें सामने आने के बावजूद एक निर्माणाधीन इमारत में काम जारी रहने का दावा किया जा रहा है। जीत समाचार के पास पहुंची ताजा तस्वीरों में सरिया बांधने का काम दिखाई दे रहा है।

मामला उस समय और गंभीर हो जाता है जब शिकायत के बाद भी निर्माण पूरी तरह रुकने के बजाय आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर शिकायत के बाद मौके पर वास्तविक कार्रवाई कब होगी?

मैं चेक करता हूं”—लेकिन निर्माण आगे बढ़ता रहा!

जानकारी के मुताबिक, इस इमारत को लेकर शिकायत मिलने पर जोन-C के ATP की ओर से “मैं चेक करता हूं” कहे जाने की बात सामने आई। आरोप है कि जांच की प्रक्रिया के बीच ही निर्माण दूसरी मंजिल के लैंटर तक पहुंच गया।

वहीं, नए बिल्डिंग इंस्पेक्टर लकी से पूछे जाने पर उनके द्वारा काम बंद करवाने की बात कहे जाने का दावा किया गया है। इससे पहले संबंधित इंस्पेक्टर द्वारा नोटिस जारी किए जाने की बात भी कही गई थी।

सवाल यह है कि यदि नोटिस जारी हो चुका था और काम बंद करवाने की बात कही गई थी, तो फिर निर्माण आगे कैसे बढ़ा?

कागजों में कार्रवाई या मौके पर भी?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कार्रवाई केवल नोटिस और कागजी प्रक्रिया तक सीमित है या मौके पर भी प्रभावी कार्रवाई हो रही है?

शिकायतकर्ताओं और स्थानीय लोगों की ओर से यह आरोप लगाया जा रहा है कि कई मामलों में नोटिस और आदेश की प्रक्रिया चलती रहती है, जबकि निर्माण लगातार आगे बढ़ता रहता है।

हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पार्किंग और मास्टर प्लान को लेकर भी सवाल

निर्माण को लेकर पार्किंग और मास्टर प्लान के प्रावधानों की पालना पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। यदि संबंधित इमारत व्यावसायिक उपयोग के लिए बनाई जा रही है, तो उसके स्वीकृत नक्शे, भूमि उपयोग, पार्किंग और अन्य वैधानिक अनुमतियों की जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

बिल्डिंग ब्रां PCS अधिकारी का स्पष्ट बयान

इस मामले में बिल्डिंग ब्रांच के PCS अधिकारी  से बात की गई। उन्होंने कहा कि उन्होंने संबंधित इमारत पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं और इमारत कानून के अनुसार ही बननी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि जांच में यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अब सवाल कार्रवाई की टाइमलाइन पर

1 एक तरफ शिकायतें, दूसरी तरफ निर्माण की ताजा तस्वीरें और तीसरी तरफ अधिकारियों की ओर से कार्रवाई के निर्देश—इन तीनों के बीच अब असली सवाल यह है कि मौके पर कार्रवाई कब होती है?

2 क्या नगर निगम इस इमारत की स्वीकृत फाइल, नक्शा, पार्किंग, निर्माण की अनुमति और अब तक जारी नोटिसों की जांच करेगा?

3 और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो जिम्मेदारी किस अधिकारी या कर्मचारी की तय होगी?

जीत समाचार इस मामले में सामने आने वाले आधिकारिक रिकॉर्ड और नगर निगम की कार्रवाई को भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।

 

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