कमिश्नर के दरबार में पहुंचा ‘सील कांड’! छोटी गली गली में 6 मंजिला बिल्डिंग की होगी जांच
बिल्डिंग इंस्पेक्टर ज़ोन A और एटीपी ज़ोन A की भूमिका पर सवाल—अब जांच में खुलेगा सील खुलने का राज!
लुधियाना 20 सितंब रविक्की कुमार
नगर निगम जोन-A ब्लॉक 25 क्षेत्र में करीब 15 फुट चौड़ी गली में बन रही 6 मंजिला कथित कमर्शियल बिल्डिंग को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि बिल्डिंग को नगर निगम की ओर से सील किया गया था, तो बाद में उसकी सील किस अधिकारी के आदेश पर और किस प्रक्रिया के तहत खोली गई?मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक, पहले बिल्डिंग को सील किया गया था। इसके बाद सील खुलने और निर्माण गतिविधि दोबारा सामने आने से निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।मामला सिर्फ निर्माण का नहीं है—मामला उस सील का है जो पहले लगी, फिर खुल गई और अब सील खुलने की प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में आ गई है।
नगर निगम कमिश्नर ने कहा—बिना उचित आदेश के सील कैसे खुली?
जीत समाचार ने मामले को लेकर नगर निगम कमिश्नर से बात की। कमिश्नर ने कहा कि बिल्डिंग सील किए जाने के बाद उसे खोलने के लिए उचित अधिकारियों से आदेश लेना आवश्यक होता है। यदि ऐसा कोई आदेश नहीं हुआ, तो सवाल उठता है कि सील आखिर खुली कैसे?जब कमिश्नर से पूछा गया कि छोटी गली पर इस प्रकार की कमर्शियल बिल्डिंग बन सकती है या नहीं, तो उन्होंने नियमों के अनुसार इसे अनुमति योग्य नहीं बताया और मामले की उच्च अधिकारियों से जांच करवाने की बात कही।कमिश्नर के अनुसार, जांच में यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी दोषी पाया जाता है तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इंस्पेक्टर और एटीपी ज़ोन A की भूमिका पर भी सवाल
मामले में तत्कालीन बिल्डिंग इंस्पेक्टर लकी एटीपी ज़ोन Aऔर तत्कालीन एटीपी ज़ोन A की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि बिल्डिंग को पहले सील किया गया, बाद में सील खुली और फिर दोबारा सील करने की कार्रवाई हुई।अब संबंधित अधिकारियों के तबादले के बाद यह सवाल और गंभीर हो गया है कि बिल्डिंग की सील खोलने का निर्णय किस स्तर पर लिया गया और उसका रिकॉर्ड कहां है? वहीं, मामले से जुड़े अधिकारियों की ओर से यह कहा जाना बताया जा रहा है कि अब संबंधित क्षेत्र की जिम्मेदारी नए एटीपी ज़ोन A और नए बिल्डिंग इंस्पेक्टर के पास है।
सबसे बड़ा सवाल—सील खोलने का आदेश किसने दिया?
पूरे मामले में अब कई सवालों के जवाब जांच से सामने आने बाकी हैं—
1 बिल्डिंग को सील करने का मूल आदेश किस अधिकारी ने जारी किया?
2 सील खोलने का आदेश किसने दिया?
3 क्या सील खोलने से पहले सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति ली गई?
4 सील खोलने की कार्रवाई का रिकॉर्ड निगम के पास मौजूद है?
5 15 फुट सड़क पर प्रस्तावित निर्माण को लेकर स्वीकृत नक्शा अथवा अन्य वैधानिक अनुमति क्या है?
6 यदि निर्माण नियमों के विपरीत पाया जाता है तो अब जिम्मेदारी किस अधिकारी की तय होगी?
‘अब मेरी जिम्मेदारी नहीं’ वाली कहानी ने बढ़ाया सस्पेंस!
मामले में यह भी चर्चा है कि पुराने अधिकारियों के तबादले के बाद जिम्मेदारी अब नए ATP और नए बिल्डिंग इंस्पेक्टर के पास है।लेकिन जनता का सवाल है—पुराने अधिकारी के कार्यकाल में जो हुआ, उसकी जवाबदेही सिर्फ तबादले के साथ खत्म हो जाती है क्या?अगर सील खोलने की प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदारी तय करने के लिए फाइल, आदेश और रिकॉर्ड की जांच जरूरी है।
अब निगाहें निगम की जांच पर
मामले में नगर निगम कमिश्नर द्वारा उच्च अधिकारियों से जांच करवाने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही गई है। ऐसे में अब निगाहें इस बात पर हैं कि जांच में सील खोलने की पूरी प्रक्रिया, संबंधित अधिकारियों की भूमिका और बिल्डिंग की वैधानिक स्थिति के बारे में क्या तथ्य सामने आते हैं।
जीत समाचार का सवाल सीधा है—अगर सील खोलने का सक्षम आदेश नहीं था, तो 15 फुट गली में 6 मंजिला निर्माण स्थल की सील आखिर खुली कैसे?

