पराली को आग लगाए बिना संभालने के लिए गांव-गांव पहुंचेंगी जागरूकता वैनें
डीसी हिमांशु जैन ने तीन वैनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना, किसानों से मशीनरी का अधिकतम उपयोग करने की अपील
लुधियाना, 22 सितंबर।शर्मा
धान की पराली जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति किसानों को जागरूक करने के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग की ओर से अभियान तेज कर दिया गया है। इसी कड़ी में डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने जिला प्रशासनिक परिसर से तीन जागरूकता वैनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।ये वैनें कृषि विभाग लुधियाना द्वारा ‘पराली संभाल अभियान’ के तहत चलाई गई हैं। धान की कटाई के सीजन के दौरान ये वैनें जिले के सभी ब्लॉकों में गांव-गांव जाकर किसानों को पराली न जलाने और इसके उचित प्रबंधन का संदेश देंगी।
5 वर्षों में 5 हजार से अधिक मशीनें सब्सिडी पर
डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने बताया कि जिले में पिछले पांच वर्षों के दौरान 5,000 से अधिक पराली प्रबंधन वाली कृषि मशीनें सब्सिडी पर उपलब्ध करवाई गई हैं। इस वर्ष भी अब तक किसानों द्वारा करीब 1,300 अतिरिक्त मशीनें खरीदी जा चुकी हैं।उन्होंने किसानों से अपील की कि किसान समूहों, सहकारी समितियों और पंचायतों के पास उपलब्ध कृषि मशीनरी का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाए, ताकि पराली को बिना जलाए खेतों में ही उचित तरीके से संभाला जा सके।
पिछले साल पराली जलाने की 219 घटनाएं
डीसी ने बताया कि पिछले वर्ष जिले में पराली जलाने की कुल 219 घटनाएं दर्ज की गई थीं। उन्होंने कहा कि पराली जलाने की घटनाओं में कमी किसानों के सहयोग से संभव हुई है। ऐसे किसानों को कृषि विभाग की ओर से आयोजित जागरूकता शिविरों में सम्मानित भी किया जा रहा है।उन्होंने उम्मीद जताई कि इस वर्ष किसानों के सहयोग तथा कृषि, सहकारिता, ग्रामीण विकास और शिक्षा विभागों की संयुक्त कोशिशों से पराली जलाने की घटनाओं को और कम किया जा सकेगा।
ऑडियो सिस्टम और गीतों के जरिए भी जागरूकता
मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. गुरदीप सिंह ने बताया कि जागरूकता वैनों के माध्यम से किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान और पराली प्रबंधन के फायदों की जानकारी दी जाएगी। वैनों में ऑडियो सिस्टम लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से जागरूकता गीत और संदेश भी प्रसारित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि वैनों के अलावा गांवों में किसान प्रशिक्षण शिविर, स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम, अखबारों और व्हाट्सऐप संदेशों तथा दीवारों पर स्लोगन लिखकर भी किसानों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
इस अवसर पर कृषि विभाग के इंजीनियर अमनप्रीत सिंह घेई, कृषि अधिकारी ब्लॉक लुधियाना डॉ. हरिंदर सिंह और एडीओ डॉ. करमजीत सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने किसानों से पराली प्रबंधन अभियान में पूर्ण सहयोग देने की अपील की।
प्रशासन का संदेश साफ
पराली जलाने के बजाय मशीनरी का इस्तेमाल करें, खेत और पर्यावरण दोनों बचाएं।

