हिमुडा डायरेक्टर इंजीनियर राजेश बन्याल गांव तुखानी की तकदीर बदलने में महत्वपूर्ण योगदान
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बड़सर। सतीश शर्मा विट्टू।
पढ़े-लिखे लोग जब विदेश में जाकर नौकरी करते हैं तो उनके पास पैसा आ जाता है लेकिन जमीन से नहीं जुड़ पाए अपना काम छोड़कर विदेश में एडजस्ट हो जाते हैं। इंजीनियर राजेश बन्याल हमीरपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से सिविल में बीटेक करने के बाद देश-विदेश में अथवा सरकारी सेवा में जाकर मोटा धन कमा सकते थे लेकिन उन्होंने अपने काम की धरती को चुना तथा दिल्ली में नौकरी छोड़कर हिमाचल लौट आए तथा स्व रोजगार से कई लोगों को रोजगार भी दिया। कांग्रेस विचारधारा के साथ जुड़े आज हिमाचल सरकार मे हिमुडा डायरेक्टर हैं। उनकी सेवाओं को देखते हुए उन्होंने सबसे पहले अपने गांव में काम की एक कमेटी का गठन किया जो काम के विकास के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। गांव में पार्क का निर्माण गांव की पक्की सड़क सुविधा के साथ क्षेत्र के गांवों की मुक्तिधाम की ऐसी व्यवस्था करवाई की करने के बाद ही नहीं जीते जी भी लोग मुक्तिधाम में जाकर आनंद लेते हैं। शिव बाबा की मूर्ति स्थापना के साथ लोगों को बैठने के लिए बढ़िया जगह डेवलप की गई है।
2022 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने जीत दर्ज की तो उन्हें बाबा बालक नाथ ट्रस्ट में ट्रस्टी बनाया गया उन्होंने जब देखा कि भगवान के नाथ मंदिर में करोड़ों का चढ़ावा चढ़ता है परंतु बाबा के दर्शन के लिए जो लोग आते हैं उन्हें लाइनों में लगकर लंबा इंतजार करता है क्योंकि गुफा के आगे बाबा के भक्तों के दर्शन करने के लिए रास्ता काफी संकरा था ट्रस्ट में प्रस्ताव पारित किया तथा उन्होंने उसे रास्ते को चौड़ा करवाने में अपनी इंजीनियरिंग का महत्वपूर्ण योगदान दिया जो कार्य शताब्दीयों से लोगों के लिए परेशानी का कारण बना था आज बाबा बालक नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं को गुफा के लिए नया रास्ता निर्माण से काफी सुविधा मिली है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह के दिशा निर्देश के बाद उन्हें हिम्मत का डायरेक्टर बनाया गया तो उन्होंने इसे भी हिमाचल प्रदेश में अलग ही पहचान दिलाई। बड़सर में हिमुडा की कॉलोनी बनाने, विभिन्न प्रोजेक्ट को शुरू करवाने तथा हिम चंडीगढ़ शानदार योजना हिमाचल के इतिहास में नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। बड़सर विधानसभा क्षेत्र में लोगों की मांग है कि हिमाचल प्रदेश की विधानसभा में 2027 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने अगर इस विधानसभा क्षेत्र में जीत दर्ज करनी है तो उन्हें आगे लाकर बडसर के विकास के लिए कांग्रेस पार्टी का टिकट देकर विधानसभा में भेजा जाए ताकि बड़सर की पहचान को हिमाचल प्रदेश में अलग नाम दिया जा सके। आपकी क्या राय है कमेंट करें।
