आनंद शर्मा की निराशा: 50 साल की राजनीति का सफर
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हमीरपुर 05 मार्च 2026 । सतीश शर्मा विट्टू।
आनंद शर्मा, जिन्होंने कांग्रेस को मजबूत करने के लिए हिमाचल प्रदेश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, अब निराश हैं। उन्हें राज्यसभा में जाने की उम्मीद थी, लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी उड़ेल दिया गया।
राजनीति में सच बोलने की कीमत
आनंद शर्मा ने साफ कहा है कि राजनीति में सच बोलने की कीमत चुकानी पड़ती है। पत्रकारों से बात करते हुए वह भावुक नजर आए। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह हाई कमान से राज्यसभा प्रत्याशी के चयन को लेकर बात करेंगे, तो उन्होंने कहा, “बिल्कुल भी नहीं। जिन्होंने फैसला लिया है अथवा जिन्होंने इसका समर्थन किया है, वही जवाब दें। मुझे कुछ भी नहीं जानना है।”
हिमाचल से प्यार
आनंद शर्मा ने कहा, “शिमला मेरा घर है। हिमाचल के लोगों से मैं प्यार करता हूं और हिमाचल में आता रहूंगा। 50 वर्ष तक मैं पार्टी की सेवा की है, लेकिन सच बोलना गुनाह है।”
पंडित सुखराम के साथ जुड़ाव
आनंद शर्मा के पंडित सुखराम के साथ गहरे संबंध थे। जब पंडित सुखराम राजनीति में सक्रिय थे, तो आनंद शर्मा उनके काफी करीब थे। आज वही आनंद शर्मा निराश होकर दिल्ली लौटे हैं।
