3.24 करोड़ से खेल-पढ़ाई-फिटनेस को बढ़ावा, चिट्टा-नशे के खिलाफ बन रहा मजबूत ढाल
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ऊना, 21 जनवरी.(सतीश शर्मा)
ऊना जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘कार्यक्रम सामर्थ्य’ जिले में युवाओं को सकारात्मक दिशा देने वाली एक प्रभावी और प्रेरक पहल बन कर उभरा है। चिट्टा व अन्य नशों की बढ़ती चुनौती के बीच यह कार्यक्रम युवाओं के समय, ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा देने पर केंद्रित है। प्रशासन ने इसके तहत जिले में अब तक 3.24 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित राशि से विभिन्न सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की हैं, जिनमें विशेष रूप से खेल, फिटनेस, अध्ययन और रचनात्मक गतिविधियों के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया है।विशेषतः यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नशा मुक्ति अभियान और स्वावलंबन कार्यक्रमों को मजबूती देने वाली पहल के रूप में भी देखा जा रहा है।
उपायुक्त जतिन लाल की सोच का सुफल है ‘सामर्थ्य’
‘सामर्थ्य’ कार्यक्रम उपायुक्त जतिन लाल की नवाचारी सोच का सुफल है। 6 अगस्त 2024 को आरंभ इस जनहितकारी पहल का उद्देश्य समाज के सर्वांगीण विकास को गति देना है।
उपायुक्त बताते हैं
कि ‘सामर्थ्य’ कार्यक्रम को छह प्रमुख घटकों पर केंद्रित किया गया है, जिनमें फिटनेस, प्रतिस्पर्धात्मकता, कला एवं संस्कृति, उद्यमिता, जागरूकता एवं नियंत्रण तथा सामाजिक मूल्यों का संवर्धन शामिल है। इसके संचालन मॉडल की विशेषता यह रही कि इसे जिला रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से तथा औद्योगिक इकाइयों के सहयोग से कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत आगे बढ़ाया गया, जिससे सामाजिक सहभागिता सुनिश्चित हो सके।
ऊना, पंजावर और मैड़ी में ‘ज्ञानदीप’ की लौ, विद्यार्थियों को मिला लाभ
‘सामर्थ्य’ के अंतर्गत शिक्षा और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले में पुस्तकालय विकसित किए गए हैं। इसके तहत मिनी सचिवालय ऊना में पुस्तकालय के निर्माण पर करीब 15 लाख रुपये की राशि व्यय कर सुविधा विकसित की गई है। इसी तरह हरोली के पंजावर में पुस्तकालय के लिए लगभग 10 लाख रुपये की राशि से सुविधा विकसित की गई है। ‘सामर्थ्य’ के अंतर्गत ‘ज्ञान दीप’ नाम से विकसित इस पुस्तकालय सुविधा का हाल ही में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने उद्घाटन भी किया था। इसके अलावा अंब क्षेत्र के मैड़ी खास पंचायत घर में पुस्तकालय के लिए करीब 8.50 लाख रुपये की अनुमानित राशि से सुविधा विकसित की गई है। इन पुस्तकालयों से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन संसाधन उपलब्ध हो रहे हैं।फिटनेस को बनाया नशे के खिलाफ सुरक्षा कवच, पंचायत स्तर पर जिम विकसित‘सामर्थ्य’ कार्यक्रम का फिटनेस घटक युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा में लगाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी उद्देश्य के अंतर्गत पंचायत स्तर पर जिम तथा फिटनेस उपकरणों की व्यवस्था की गई है। गोंदपुर जयचंद पंचायत में जिम एवं उपकरणों की स्थापना पर लगभग 24.20 लाख रुपये, जबकि अंब की मैड़ी खास पंचायत में जिम एवं उपकरणों पर लगभग 24.42 लाख रुपये की अनुमानित राशि से सुविधा विकसित की गई है।
उपायुक्त का कहना है
कि फिटनेस युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और सक्रिय जीवनशैली विकसित करती है, जो नशे के खिलाफ स्वाभाविक सुरक्षा कवच का काम करती है।
