स्पेशल रिपोर्ट: जब सड़क पर उतरीं ‘लेडी सिंघम’ गुरप्रीत कौर पुरेवाल; बुलेट के पटाखों से लेकर मनचलों की हेकड़ी तक, सबकुछ हुआ ‘खामोश’

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लुधियाना, 22 जनवरी:(कमल पवार)

अक्सर स्कूलों के बाहर छुट्टी के वक्त जो नजारा खौफ और शोर का होता था, आज सराभा नगर के सेक्रेड हार्ट स्कूल के बाहर वो नजारा बदला हुआ था। वजह थी— ADCP (ट्रैफिक) गुरप्रीत कौर पुरेवाल का अचानक सड़क पर उतरना। आज फाइलें दफ्तर में थीं और अधिकारी खुद मोर्चे पर।

1. न बुलेट के पटाखे चले, न साइलेंसर का शोर
अखबार अक्सर लिखते हैं कि ‘चालान हुए’, लेकिन सच यह है कि आज पुरेवाल की टीम ने उन ‘सड़क छाप पटाखों’ का इलाज किया जो मॉडिफाइड साइलेंसर के जरिए दहशत फैलाते थे। मौके पर ही मैकेनिकों की तरह साइलेंसर उतरवाए गए। जो युवक खुद को सड़क का राजा समझ रहे थे, उनकी गाड़ियाँ (02 वाहन) अब पुलिस थाने की शोभा बढ़ा रही हैं।

2. ईव-टीजिंग के ‘हॉटस्पॉट’ पर सर्जिकल स्ट्राइक
सिर्फ ट्रैफिक ही नहीं, आज निशाना उन ‘स्टॉल्स’ और ‘कॉर्नर्स’ पर भी था जहाँ छुट्टी के वक्त संदिग्ध चेहरों का जमावड़ा लग जाता था। ADCP पुरेवाल ने खुद उन पॉइंट्स की चेकिंग की जहाँ से ईव-टीजिंग की शिकायतें आती थीं। 24 चालान सिर्फ कागज के टुकड़े नहीं थे, बल्कि उन मनचलों के लिए सख्त चेतावनी थे जो स्कूल की छात्राओं के सुरक्षित माहौल में खलल डालते हैं।

3. वर्दी का खौफ नहीं, सुरक्षा का अहसास
इस पूरी कार्रवाई की सबसे बड़ी खूबी यह रही कि जहाँ नियम तोड़ने वालों में हड़कंप था, वहीं छात्राओं और उनके माता-पिता के चेहरों पर एक सुकून था। पुलिस की यह ‘पब्लिक ऑर्डर’ मुहिम यह बताती है कि अगर इरादे पुरेवाल जैसे सख्त हों, तो शहर की सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए किसी भारी फोर्स की नहीं, बस एक ईमानदार इच्छाशक्ति की जरूरत होती है।

अंतिम चेतावनी: पुलिस की इस ‘क्लीन-अप’ ड्राइव ने साफ कर दिया है कि लुधियाना की सड़कें अब किसी की जागीर नहीं हैं। अगर साइलेंसर फटा या किसी ने सीमा लांघी, तो अगला नंबर आपका हो सकता है।

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