कटरा-श्रीनगर के सफर के बल्ले-बल्ले! ट्रेन में 2 अतिरिक्त एसी कोच जुड़े
Views: 7
जम्मू, 28 जनवरी जीत समाचार

उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल द्वारा खराब मौसम और बर्फबारी के कारण प्रभावित सड़क और हवाई मार्ग को देखते हुए, आज दिनांक 28 जनवरी को श्री माता वैष्णो देवी कटरा –श्रीनगर – कटरा तक विशेष आरक्षित ट्रेन संख्या 04629/04630 का संचालन किया गया। इस दौरान कश्मीर घूमने आए, यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए तथा उनकी यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए विशेष आरक्षित ट्रेन में AC के दो अतिरिक्त कोच जोड़े गए। इन दो अतिरिक्त कोचों के जुड़ने से यात्रियों को 144 अतिरिक्त बर्थ उपलब्ध हो सकी, जिसके कारण वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को कंफर्म सीट मिलने में सहायता मिली। अतिरिक्त कोच जुड़ने से यात्रियों ने रेलवे की सराहना करते हुए, इसे सकारात्मक कदम बताया। विशेष आरक्षित ट्रेन का संचालन श्री माता वैष्णो देवी कटरा से श्रीनगर अपने अतिरिक्त कोचों के साथ सफल रहा। इस कठिन परिस्थिति में विशेष ट्रेन न केवल यात्रियों के लिए आरामदायक साबित हुई, बल्कि इसने ऐतिहासिक मार्ग पर अपनी पूर्ण क्षमता के साथ चल कर रिकॉर्ड राजस्व भी अर्जित किया।
विशेष ट्रेन के संचालन पर प्रकाश डालें तो, विशेष आरक्षित ट्रेन संख्या 04629 अपने निर्धारित समय सुबह 10.30 बजे श्री माता वैष्णो देवी कटरा से रवाना हुई, जिसमें लगभग 800 से अधिक यात्रियों ने सफर किया। वहीं अगर श्रीनगर से श्री माता वैष्णो देवी आने वाले विशेष आरक्षित ट्रेन संख्या 04630 की बात करें, तो यह ट्रेन अपने निर्धारित समय दोपहर में 3 बजे श्रीनगर से रवाना हुई, जिसमें लगभग 850 से अधिक यात्रियों ने सफर किया।
दूसरे दिन चलाई गई, विशेष ट्रेन पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, जम्मू श्री उचित सिंघल ने कहा, “ कि दिनांक 27 और 28 जनवरी को चलाई गई, विशेष ट्रेनों ने कश्मीर में घुमने आए, पर्यटकों औए यात्रियों के लिए एक राहत के रूप में काम किया हैं, क्योंकि खराब मौसम के कारण सड़क व हवाई मार्ग प्रभावित रहा है। दोनों दिन चलाई गई, विशेष ट्रेनों में लगभग 3000 से अधिक यात्रियों ने सफर के साथ रेलवे का धन्यवाद किया। इन विशेष ट्रेनों की ऑक्यूपेंसी 100 प्रतिशत से अधिक रही है, विशेष ट्रेनों से अर्जित होने वाली आय में इन 2 AC के अतिरिक्त कोच जुड़ने से बढ़ोतरी देखने को मिली हैं। उन्होंने आगे बताया, कि इस प्रकार की पहल से कश्मीर घूमने आए, यात्रियों व पर्यटकों में रेलवे के प्रति विश्वास बढे़गा और भविष्य में जम्मू-कश्मीर आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि देखी जा सकेगी।
