लुधियाना विजिलेंस का महा-ऑपरेशन: 2025 में भ्रष्टाचार के ‘किलों’ पर सर्जिकल स्ट्राइक, 187 गिरफ्तार
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लुधियाना | विशेष संवाददाता
पंजाब सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विजिलेंस ब्यूरो लुधियाना रेंज ने साल 2025 में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाया है। ब्यूरो की गोपनीय रिपोर्ट के अनुसार, इस साल अब तक लुधियाना सहित राज्य भर में 187 भ्रष्ट चेहरों को बेनकाब किया गया है, जिसमें सफेदपोश अधिकारियों से लेकर रसूखदार बिचौलिए शामिल हैं।
खाकी और राजस्व विभाग पर सबसे ज्यादा गाज
विजिलेंस की रडार पर इस बार सबसे ऊपर पंजाब पुलिस रही, जिसके 43 कर्मचारियों को रिश्वत के दलदल में फंसे होने के कारण गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पावरकॉम (PSPCL) के 21 और राजस्व विभाग (तहसील व पटवारखाने) के 20 मुलाजिमों पर कार्रवाई हुई। लुधियाना नगर निगम के अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा गया है, खासकर बीआरएस नगर और सराभा नगर जैसे पॉश इलाकों में हुए अवैध निर्माणों को लेकर विभागीय जांच तेज कर दी गई है।
अधिकारियों में हड़कंप: 18 ‘क्लास-1’ अफसर भी नप गए
आमतौर पर छोटे कर्मचारियों पर होने वाली कार्रवाई से इतर, इस साल विजिलेंस ने 18 राजपत्रित (Gazetted) अधिकारियों पर हाथ डाला है। इसमें लुधियाना में तैनात रहे पीसीएस (PCS) स्तर के अधिकारियों की आय से अधिक संपत्ति की जांच ने पूरे प्रशासनिक हलके में खलबली मचा दी है। ब्यूरो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, “हम केवल रिश्वत लेते नहीं पकड़ रहे, बल्कि भ्रष्टाचार की जड़ों तक पहुँचने के लिए ‘मनी ट्रेल’ और बेनामी संपत्तियों को भी खंगाल रहे हैं।”
प्राइवेट प्लेयर और बिचौलिए भी सलाखों के पीछे
विजिलेंस की रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि 43 ऐसे निजी व्यक्ति पकड़े गए जो सरकारी दफ्तरों में ‘एजेंट’ बनकर अवैध वसूली का नेटवर्क चला रहे थे। लुधियाना के फोकल पॉइंट और ट्रांसपोर्ट नगर जैसे इलाकों में इनकी सक्रियता सबसे ज्यादा पाई गई।
ब्यूरो की अपील:
विजिलेंस ब्यूरो ने जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी काम के बदले पैसे की मांग करता है, तो तुरंत एंटी-करप्शन हेल्पलाइन 95012-00200 पर सूचित करें।
