लंगर श्री बावा बालक नाथ जी ट्रस्ट में प्रयोग होने वाले छड़ोलू खारा रेट में घोटाला की जांच जरूरी

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श्री बावा बालक नाथ जी ट्रस्ट का नाता घोटाले

दियोटसिद्ध। सतीश शर्मा विट्टू।
श्री बावा बालक नाथ जी ट्रस्ट का नाता घोटाले से जुड़ा हुआ है बकरा घोटाला हो अथवा राशन घोटाला रसीद घोटाला अथवा गणना घोटाला सोना चांदी घोटाला के अलावा ऐसे के मामले हैं जिनका जिक्र किया जा सकता है लेकिन हाल ही में जो मामला सामने आया है वह लंगर में प्रयोग होने वाले पहाड़ी भाषा में जिसे छडोलू तथा खारा कहा जाता है की कोटेशन को लेकर बताया जा रहा है। सूत्रों से मेरी जानकारी के अनुसार जब कोटेशन दी गई खोली गई
भुगतान करना था तो मामला उठाया
उसके बाद जब बिल का भुगतान करना था तो मामला उठाया गया कि रेट जो है तीन गुना ज्यादा है। कायदे से होना यह चाहिए था कि जब कोटेशन खोली गई जिसकी ड्यूटी थी वह देखता लेकिन ऐसा ना करके जब पेमेंट की जानी थी तब सवाल खड़ा किया गया। सवाल है तो जांच भी होनी चाहिए। हम यह नहीं कहते कि इस पूरे प्रकरण में सच्चाई क्या है सचाई तभी सामने आएगी जब इसकी जांच की जाएगी लेकिन धुंआ उठा है तो आग भी जली होगी।
इस बार भी क्यापर्दा डाल दिया जाएगा
क्या श्री बावा बालक नाथ जी ट्रस्ट का नाता घोटाले थ प्रशासन इस पूरे प्रकरण की जांच करवाएगा अथवा पिछले घोटाले की तरह इस पर भी पर्दा डाल दिया जाएगा। मंदिर में चैत्र मास मेला भी शुरू होने वाला है। लेकिन मंदिर में ड्यूटी के लिए ट्रस्ट को मंदिर अधिकारी नहीं मिल रहा है
डीलिंग हैंड पर होनी चाहिए बड़ी कार्रवाई
श्री बावा बालक नाथ जी ट्रस्ट का नाता घोटाले मंदिर में नया घोटाला छाड़ोलू तथा खारे बनाने में रेट को लेकर विवाद। जब कोटेशन खोली जाती है तो क्या उसे समय वेरीफाई नहीं किया जाता रेट का मामला। जब कोटेशन पास हो जाती है तो क्या औचित्य। डीलिंग हैं  पर होनी चाहिए बड़ी कार्रवाई।
जिलाधीश हमीरपुर तथा मुख्यमंत्रीही बता सकते हैं
श्री बावा बालक नाथ जी मंदिर में 7 घंटे के मंदिर अधिकारी को बदलने की वजह क्या है यह तो जिलाधीश हमीरपुर तथा मुख्यमंत्रीही बता सकते हैं
तब संबंधित कर्मचारियों ने इस पर सवाल क्यों नहीं उठाए
परंतु ऐसे घोटाले सामने आते हैं जिनके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता वर्तमान मामला ट्रस्ट में लंगर में छडोलू चावल डालने के लिए बर्तन तथा खारा की कोटेशन को लेकर सामने आया है। जब कोटेशन बिल नंबर 12 पास हो गई तो इस पर चर्चा शुरू हो गई की जो रेट है वह पुराने रैटों से तीन गुना अधिक है परंतु पूरे प्रकरण में जब कोटेशन पास की गई थी तब संबंधित कर्मचारियों ने इस पर सवाल क्यों नहीं उठाए थे।
बड़े टेंडर में कितना बड़ा खेल होता होगा
श्री बावा बालक नाथ जी में कभी राशन घोटाला, कभी सोना चांदी घोटाला, कभी बकरा घोटाला तो अब नया छडोलू तथा खारा घोटाला सामने आया है इस पूरे प्रकरण की जांच की जानी चाहिए तथा दोषी संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए। छोटे-छोटे कार्यों में भी जब अनियमितता की जाती है तो बड़े टेंडर में कितना बड़ा खेल होता होगा इसका अंदाजा आम श्रद्धालु लगा सकते हैं।
एसडीएम बड़सर ने कहा
कि मामला मेरे ध्यान में लाया गया है जो इस पर दोषी पाया जाएगा उसे पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी

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