दियोटसिद्ध में हंगामा: 7 घंटे में मंदिर अधिकारी का तबादला

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दियोटसिद्ध। सतीश शर्मा विट्टू। 
मनजीत ठाकुर को श्री बावा बालक नाथ  ट्रस्ट का मंदिर अधिकारी नियुक्त किया गया था, लेकिन 7 घंटे के भीतर ही उनका तबादला कर दिया गया। यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि मनजीत ठाकुर को ईमानदार और स्वच्छ छवि का अधिकारी माना जाता था ।
क्या है मामला ?
बाबा बालक नाथ ट्रस्ट की आय करोड़ों रुपए है, और यह उत्तरी भारत का प्रमुख मंदिर है। लेकिन प्रशासनिक मंदिर अधिकारी नहीं मिल पा रहे हैं। मनजीत ठाकुर के तबादले से यह सवाल उठ रहा है कि क्या मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह अफसर शाही पर लगाम लगाने में सफल नहीं हो पा रहे हैं ?
कौन है हस्तक्षेप कर रहा है ?
यह मामला हमीरपुर जिला में हो रहा है, जो मुख्यमंत्री का जिला है। यह सवाल उठ रहा है कि कौन है जो हमीरपुर जिला में मुख्यमंत्री के जिला में हस्तक्षेप कर रहा है ?
एक अन्य अधिकारी भी मंदिर अधिकारी लगने के लिए राजनीतिक सिफारिश कर रहे ?
मंदिर अधिकारी को चंद् घंटे बाद बदल दिया गया तथा जिस अधिकारी के आदेश दिए गए हैं वह अधिकारी लीव पर जीत समाचार सूत्रों के अनुसार उस अधिकारी की दादी बीमार चल रही है। मनजीत ठाकुर के आदेश 10 दिन के लिए हुए थे लेकिन एक पूरा दिन लगने से पहले ही उनका तबादला कर दिया गया 10:00 बजे उन्होंने बाबा बालक नाथ मंदिर में ज्वाइन किया तथा करीब 1:00 बजे उन्हें मंदिर से वापस जाने को कह दिया गया। हमारी सूचना के अनुसार मंजीत ठाकुर ने 5:00 बजे तक ड्यूटी की उसके बाद सरकारी आदेशों को मानते हुए अपनी ड्यूटी पर लौट गए जबकि समाचार लिखे जाने तक पुख्ता सूचना है कि जिस अधिकारी के आदेश किए हैं वह छुट्टी पर है। उन्होंने ज्वाइन नहीं किया है। जीत समाचार के सूत्रों के अनुसार सूचना मिली है कि एक अन्य अधिकारी भी मंदिर अधिकारी के रूप वा देने में से के लिए जुगाड़  रहा लगा है लेकिन फिलहाल उसका जुगाड़ काम नहीं आया है।
कब मिलेगा SHR बाबा बालक नाथ मंदिर को मंदिर अधिकारी किसी को पता नहीं।
कांग्रेस सरकार को प्रदेश में एक योग्य अधिकारी नहीं मिल रहा है
घोटाले की लंबी लिस्ट है बाबा बालक नाथ ट्रस्ट की। एक के बाद एक लगातार कई मंदिर अधिकारी बदल दिए गए लेकिन प्रशासनिक पकड़ के लिए एक स्वच्छ तथा ईमानदार छवि के अधिकारी की आज भी कमी बनी हुई है। चैत्र मास मेला शुरू होने वाला है करोड़ों रुपए श्रद्धालु मंदिर में अर्पित करेंगे लेकिन श्रद्धालुओं की सुविधाओं के नाम पर मंदिर की व्यवस्था देखने के लिए कांग्रेस सरकार को प्रदेश में एक योग्य अधिकारी नहीं मिल रहा है
क्या आपको लगता है कि मनजीत ठाकुर के तबादले के पीछे कोई राजनीतिक कारण है? क्या आपको लगता है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए ?

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