जन-जन को सस्ती व अच्छी दवाएं उपलब्ध कराने में मजबूत पहल है पीएम जन औषधि योजना: अनुराग सिंह ठाकुर
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हमीरपुर:07 मार्च 2026, शर्मा विट्टू।
पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने प्रधानमंत्री जन औषधि दिवस 2026 के अवसर पर इस योजना से लाभान्वित हुए लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जन-जन को सस्ती व अच्छी दवाएं उपलब्ध कराने में प्रधानमंत्री जन औषधि योजना एक मजबूत और प्रभावी पहल है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि स्वस्थ भारत की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुई प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयों के जरिए करोड़ों गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है। जन औषधि केंद्र आम लोगों के लिए महंगी ब्रांडेड दवाओं का सस्ता और भरोसेमंद विकल्प उपलब्ध करा रहे हैं। इन केंद्रों पर मिलने वाली दवाएं आमतौर पर ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50 से 80 प्रतिशत तक सस्ती होती हैं, जिससे आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर होने वाला खर्च काफी कम हुआ है।
उन्होंने कहा कि आज इस योजना के तहत देशभर में 18,000 से अधिक जन औषधि केंद्र कार्य कर रहे हैं और केंद्र सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक इनकी संख्या बढ़ाकर 20,000 करने का है, ताकि देश के हर जिले और दूर-दराज के क्षेत्रों में भी लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध हो सकें। इस पहल से एक ओर जहां आम लोगों को राहत मिल रही है, वहीं दूसरी ओर युवाओं और उद्यमियों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के तहत वर्तमान में 2,110 से अधिक दवाएं और 315 सर्जिकल उत्पाद उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इनमें हृदय रोग, कैंसर, मधुमेह, संक्रमण, एलर्जी और पाचन संबंधी बीमारियों की कई आवश्यक दवाएं शामिल हैं। इसके साथ ही कई पोषण संबंधी उत्पाद भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जो लोगों के समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना ने देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे न केवल लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं मिल रही हैं, बल्कि छोटे उद्यमियों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। जैसे-जैसे सरकार जेनेरिक दवाओं के उपयोग को प्रोत्साहित कर रही है, आने वाले समय में जन औषधि केंद्रों का नेटवर्क और अधिक सुदृढ़ होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सरकार ने सख्त मानक निर्धारित किए हैं। जन औषधि केंद्रों में वही दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं जो विश्व स्वास्थ्य संगठन के गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस मानकों को पूरा करने वाले संयंत्रों में निर्मित होती हैं। महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए योजना के तहत जन औषधि सुविधा सैनिटरी नैपकिन भी उपलब्ध कराए गए हैं। ये ऑक्सो-बायोडिग्रेडेबल नैपकिन मात्र 1 रुपये प्रति पैड की दर से देशभर के जन औषधि केंद्रों पर उपलब्ध हैं।
लोगों की सुविधा के लिए जन औषधि सुगम मोबाइल ऐप भी शुरू किया गया है। इस ऐप के माध्यम से नागरिक अपने नजदीकी जन औषधि केंद्र की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, उपलब्ध दवाओं की सूची देख सकते हैं तथा ब्रांडेड और जेनेरिक दवाओं की कीमतों की तुलना भी आसानी से कर सकते हैं।
