जॉइंट डायरेक्टर एग्रीकल्चर पंजाब ने डाइंग और प्लाइवुड इंडस्ट्री की जांच की

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अमृतसर 14 अप्रैल 2026 कमल पवार

जॉइंट डायरेक्टर एग्रीकल्चर (Eng.) पंजाब श्री जगदीश सिंह अपनी टीम डॉ. बख्शीश सिंह एग्रीकल्चर ऑफिसर, श्री केतन ADO और अमृतसर के डिस्ट्रिक्ट एग्रीकल्चर ऑफिसर्स के साथ अमृतसर जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने डाइंग और प्लाइवुड इंडस्ट्री में सब्सिडी वाले यूरिया के इस्तेमाल की जांच की।

उन्होंने कहा

कि पंजाब में यूरिया फर्टिलाइजर का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है और यह देखा गया है कि इंडस्ट्रियल इंडस्ट्री में सब्सिडी वाले यूरिया फर्टिलाइजर का इस्तेमाल हो रहा है, जो गैर-कानूनी है। उन्होंने कहा कि इन इंडस्ट्रीज़ में यूरिया फर्टिलाइजर का इस्तेमाल रोकने के लिए पूरे पंजाब में जांच की जा रही है और इसी सिलसिले में अमृतसर जिले में भी जांच की गई है।
चीफ एग्रीकल्चर ऑफिसर, अमृतसर डॉ. गुरसाहिब सिंह ने सभी फर्टिलाइजर वेंडर्स को निर्देश दिया कि वे POS मशीनों से बिका हुआ स्टॉक क्लियर करें और किसानों को उनकी फसलों की जरूरत के हिसाब से ही फर्टिलाइजर दिया जाए और कोई भी सरप्लस फर्टिलाइजर बिल्कुल न बेचा जाए। अगर कोई भी फर्टिलाइजर वेंडर फर्टिलाइजर इंडस्ट्री को यूरिया बेचते हुए पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ सही कार्रवाई की जाएगी।
इस मौके पर जॉइंट डायरेक्टर डॉ. जगदीश सिंह ने सभी ब्लॉक एग्रीकल्चर ऑफिसर के साथ मीटिंग भी की। मीटिंग के दौरान उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि सभी फर्टिलाइजर वेंडर, फीड और प्लाईवुड इंडस्ट्री की लगातार चेकिंग की जाए और अगर कोई इंडस्ट्री सब्सिडी वाला यूरिया इस्तेमाल करती हुई पाई जाती है, तो उस इंडस्ट्री के खिलाफ फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर 1985 और एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट 1955 के तहत तुरंत सही कार्रवाई की जाए।

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