F&CC कमेटी को बायपास कर जारी वर्क ऑर्डरों पर उठे सवाल | काउंसलर गौरव भट्टी ने निगम कमिश्नर से मांगा जवाब

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इन एंटीसीपेशन’ के आधार पर 9 जुलाई के बाद जारी सभी वर्क ऑर्डरों की सूची मांगी | 29 जुलाई को हाईकोर्ट में जवाब पेश करने की कही बात

लुधियाना, 28 जुलाई।कमल पवार

नगर निगम की F&CC (फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी) को लेकर चल रहे विवाद के बीच वार्ड नंबर 26 के काउंसलर गौरव भट्टी ने निगम कमिश्नर को पत्र लिखकर 9 जुलाई 2026 के बाद ‘इन एंटीसीपेशन’ के आधार पर जारी किए गए सभी वर्क ऑर्डरों की विस्तृत जानकारी मांगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में F&CC कमेटी से संबंधित याचिका (CWP No. 20549) लंबित होने के बावजूद कमेटी को दरकिनार कर वर्क ऑर्डर जारी किए जा रहे हैं।

भट्टी ने अपने पत्र में कहा कि 9 जुलाई को नगर निगम के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट के समक्ष अंडरटेकिंग दी थी कि मामले का अंतिम निर्णय होने तक F&CC कमेटी की कोई बैठक आयोजित नहीं की जाएगी। इसके बावजूद उनके संज्ञान में यह बात आई है कि कुछ विधायकों के दबाव में मेयर की ओर से ‘इन एंटीसीपेशन’ के आधार पर निगम अधिकारियों के माध्यम से वर्क ऑर्डर जारी करवाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यदि यह तथ्य सही हैं तो यह हाईकोर्ट के समक्ष दी गई अंडरटेकिंग की भावना के विपरीत हो सकता है और न्यायिक प्रक्रिया को भी प्रभावित कर सकता है। भट्टी ने यह भी आरोप लगाया कि यदि यह प्रक्रिया केवल सत्ता पक्ष से जुड़े पार्षदों की सिफारिश वाली फाइलों तक सीमित है और विपक्षी पार्षदों की फाइलों को समान रूप से आगे नहीं बढ़ाया जा रहा, तो यह निष्पक्षता और समानता के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं माना जा सकता।

कमिश्नर से मांगी चार अहम जानकारियां

काउंसलर गौरव भट्टी ने निगम कमिश्नर से चार प्रमुख बिंदुओं पर लिखित जवाब मांगा है। उन्होंने 9 जुलाई 2026 के बाद ‘इन एंटीसीपेशन’ के आधार पर जारी सभी वर्क ऑर्डरों की सूची, उन्हें जारी करने वाले अधिकारियों के नाम एवं पद, हाईकोर्ट की अंडरटेकिंग के बावजूद इन आदेशों को जारी करने के कानूनी आधार तथा भविष्य में F&CC कमेटी से संबंधित सभी कार्रवाइयों को कानून और हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप सुनिश्चित करने की जानकारी देने की मांग की है।

भट्टी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि वह निगम कमिश्नर का लिखित जवाब 29 जुलाई को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित याचिका के साथ प्रस्तुत करना चाहते हैं। इससे पहले ही नगर निगम में F&CC कमेटी की कार्यप्रणाली और ‘इन एंटीसीपेशन’ के आधार पर लिए जा रहे निर्णयों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बहस तेज हो चुकी है।

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