दूध की रखवाली बिल्ली के हवाले!” | जोन-सी इंस्पेक्टर बोले—’खाली प्लॉट’, ग्राउंड रिपोर्ट ने खोली पोल?
Views: 74
2000 गज की कथित प्लॉटिंग का नक्शा ‘जीत समाचार’ के पास | रिपोर्ट में ‘खाली प्लॉट’ का दावा, मौके की तस्वीरों में निर्माण की तैयारी का दावा
लुधियाना, 10 अगस्त (जीत समाचार ब्यूरो)
नगर निगम लुधियाना की जोन-सी बिल्डिंग ब्रांच एक बार फिर सवालों के घेरे में है। कुछ दिन पहले ‘जीत समाचार’ ने सूत्रों के हवाले से करीब 2000 गज क्षेत्र में कथित प्लॉटिंग की खबर सामने रखी थी। इसके बाद सामने आए नक्शे ने मामले को और गंभीर बना दिया।अब इस पूरे मामले में विभागीय रिपोर्ट और मौके की तस्वीरों के बीच कथित विरोधाभास सामने आया है।
इंस्पेक्टर का दावा—’खाली प्लॉट’
जोन-सी के बिल्डिंग इंस्पेक्टर का कहना है कि संबंधित जगह की रिपोर्ट तैयार करके उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है और वहां सिर्फ खाली प्लॉट है। उनके मुताबिक न कोई कॉलोनी काटी जा रही है और न ही मौके पर कोई काम चल रहा है।
लेकिन तस्वीरें कुछ और कहानी बता रही हैं!
‘जीत समाचार’ की ग्राउंड पड़ताल में सामने आई तस्वीरों में मौके पर मिस्त्री लगे हुए और पिलर खड़े हो रहे हैं दिखाई दे रही है। तस्वीरों को लेकर दावा किया जा रहा है कि वहां जमीन पर काम चल रहा है और प्लॉटिंग की तैयारी की जा रही है।अब सवाल यह है कि अगर मौके पर वास्तव में कोई गतिविधि नहीं हो रही थी, तो मिस्त्री लगे हुए और पिलर खड़े हो रहे और अगर मौके पर निर्माण हो रहा है, तो रिपोर्ट में इसे ‘खाली प्लॉट’ क्यों बताया गया?
‘दूध की रखवाली बिल्ली के हवाले?’
यही वह सवाल है जिसने नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच की कार्यप्रणाली पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ विभागीय स्तर पर ‘खाली प्लॉट’ की रिपोर्ट होने का दावा है, दूसरी तरफ मौके की तस्वीरें जमीन पर गतिविधि होने का संकेत देती नजर आ रही हैं।
जीत समाचार के 3 बड़े सवाल
1 अगर जमीन पर कॉलोनी नहीं कट रही, तो मौके पर मिस्त्री लगे क्यों दिखाई दे रही है?
2 क्या संबंधित अधिकारी की रिपोर्ट और मौके की वास्तविक स्थिति में कोई अंतर है?
3 अगर नियमों के तहत यहां प्लॉटिंग संभव नहीं है, तो प्रशासन ने अब तक मौके पर रोक क्यों नहीं लगाई?

अब निगाहें कमिश्नर पर
मामले में सबसे अहम सवाल अब नगर निगम कमिश्नर के सामने है—क्या विभागीय रिपोर्ट और ग्राउंड स्थिति की दोबारा जांच करवाई जाएगी ? यदि जांच में रिपोर्ट गलत पाई जाती है या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदारी किस अधिकारी की तय होगी?
