जोन-सी बिल्डिंग ब्रांच में डेढ़ महीने से खाली कुर्सी! | सस्पेंड कर्मचारी की वापसी होगी या भ्रष्टाचार पर लगेगा ब्रेक? फैसला कमिश्नर के हाथ

0

Views: 38

सरकार को लिखकर हुई थी कार्रवाई की सिफारिश, फिर आदेश रद्द होने पर उठे सवाल | यादविंदर सिंह बोले—“अब कमिश्नर का फैसला बताएगा भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी या नहीं”

लुधियाना, 20 अगस्त। विक्की कुमार

नगर निगम लुधियाना की जोन-सी बिल्डिंग ब्रांच में पिछले करीब डेढ़ महीने से बिल्डिंग इंस्पेक्टर का पद खाली होने का मामला लगातार चर्चा में है। जीत समाचार द्वारा इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद अब मामले से जुड़े कुछ और तथ्य और सवाल सामने आए हैं।

पहले हुई थी कार्रवाई, फिर आदेश रद्द होने पर सवाल

जानकारी के अनुसार कुछ महीने पहले नगर निगम की ओर से दो कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई थी और संबंधित मामले में सरकार को भी पत्र में दोनों के खिलाफ निलंबन और कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई थी।इसके बाद संबंधित एक कर्मचारी पर निलंबन  संबंधी कार्रवाई हुई।हालांकि बाद में आदेश रद्द होने के संबंध में भी सवाल उठे। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अब यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि पूर्व में हुई कार्रवाई किन आधारों पर की गई थी और बाद में आदेश किस प्रक्रिया व कारण के तहत रद्द हुए।

अब सबसे बड़ा सवाल—जोन-सी में किसकी होगी तैनाती?

जोन-सी बिल्डिंग ब्रांच में इंस्पेक्टर की तैनाती को लेकर अब सबकी नजर नगर निगम कमिश्नर के फैसले पर है। सवाल उठ रहा है कि क्या पहले कार्रवाई का सामना कर चुके कर्मचारी को दोबारा उसी शाखा की जिम्मेदारी दी जाएगी या फिर किसी नए अधिकारी को पारदर्शी तरीके से तैनात किया जाएगा।शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सरकार लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जवाबदेही की बात करती रही है। ऐसे में किसी भी नई तैनाती से पहले संबंधित कर्मचारी के पुराने रिकॉर्ड और विभागीय कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।

यादविंदर सिंह ने उठाए सवाल

यादविंदर सिंह ने कहा कि उन्हें नगर निगम कमिश्नर की निष्पक्षता पर विश्वास है और उम्मीद है कि जोन-सी में ऐसी तैनाती की जाएगी जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत हो। उन्होंने कहा कि यदि पुराने विवादों और कार्रवाई से जुड़े तथ्यों की अनदेखी कर किसी कर्मचारी को दोबारा जिम्मेदारी दी जाती है तो सवाल उठना स्वाभाविक है। उनके अनुसार, कमिश्नर को रिकॉर्ड की जांच के बाद ही फैसला लेना चाहिए।

कमिश्नर के फैसले पर टिकी निगाहें

अब मामला सीधे नगर निगम कमिश्नर के फैसले से जुड़ गया है—नए अधिकारी की पारदर्शी तैनाती हुई तो व्यवस्था में सुधार की उम्मीद बढ़ेगी। विवादित कार्रवाई से जुड़े कर्मचारी की वापसी हुई तो पुराने रिकॉर्ड और फैसले पर नए सवाल खड़े हो सकते हैं।

जीत समाचार की मांग है कि जोन-सी में बिल्डिंग इंस्पेक्टर की तैनाती जल्द की जाए, लेकिन पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखी जाए। साथ ही पूर्व में हुई निलंबन और विभागीय कार्रवाई से संबंधित रिकॉर्ड की स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि किसी भी तरह के राजनीतिक या अन्य दबाव की आशंका पर विराम लगाया जा सके।

अब नजर कमिश्नर के अगले फैसले पर है—जोन-सी की “खाली कुर्सी” पर कौन बैठेगा और क्या यह फैसला भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश देगा?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed