मिशन जीवनी के तहत लुधियाना में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी पर प्रशासन की सख्ती, डीसी ने दिए हर केस की निगरानी के आदे
zeetsamachar August 26, 2026 0Views: 2
चार महीने की विशेष मुहिम में रोकथाम योग्य मातृ मृत्यु को शून्य करने का लक्ष्य | बेहतर काम करने वाली आशा वर्करों और एएनएम को हर महीने मिलेगा सम्मान
लुधियाना, 26 अगस्त (अरुण कुमार)
लुधियाना जिले में उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं यानी हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) की पहचान, लगातार निगरानी और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे ‘मिशन जीवनी’ के तहत प्रशासन ने अपनी निगरानी और तेज कर दी है। इसी सिलसिले में डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन, आईएएस की अध्यक्षता में जिले के सभी एसएमओ की पहली साप्ताहिक समीक्षा बैठक सर्किट हाउस में हुई। बैठक में अगले चार महीनों की कार्ययोजना, ब्लॉकवार HRP मामलों की स्थिति, समय पर इलाज और सुरक्षित प्रसव को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
हर हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की होगी ट्रैकिंग
डीसी हिमांशु जैन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में किसी भी हाई रिस्क गर्भावस्था को नजरअंदाज न किया जाए। प्रत्येक HRP की पहचान से लेकर उसके सुरक्षित प्रसव तक लगातार निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि इलाज में देरी या स्वास्थ्य सेवाओं में किसी तरह की कमी के कारण किसी मां की जान न जाए।सभी एसएमओ को अपने-अपने ब्लॉक में HRP मामलों की साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। अगले सप्ताह प्रसव की संभावित तारीख वाली प्रत्येक HRP के लिए विशेष बर्थ प्लान तैयार किया जाएगा।
कूम कलां और साहनेवाल पर विशेष नजर
जिन ब्लॉकों में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के मामले अधिक हैं, वहां विशेष निगरानी की जाएगी। इनमें खास तौर पर कूम कलां और साहनेवाल ब्लॉक शामिल हैं।डीसी कार्यालय की ओर से पूरे जिले के HRP डेटा की भी साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी।
रिकॉर्ड में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
डीसी ने निर्देश दिए कि HRP का रिकॉर्ड ANC स्तर से ही सही और अपडेट रखा जाए। एएनएम और आशा वर्करों को ब्लॉक स्टैटिस्टिकल असिस्टेंट्स के सहयोग से मामलों की नियमित फॉलोअप की जिम्मेदारी दी जाएगी।हर फॉलोअप का रिकॉर्ड रखना और HRP से संबंधित जानकारी समय पर साझा करना अनिवार्य होगा। साथ ही बीएसए की कार्यप्रणाली की भी नियमित समीक्षा की जाएगी।
एनीमिया की रोकथाम पर विशेष फोकस
मातृ स्वास्थ्य को लेकर गाइनकोलॉजिस्टों की एक विशेष कमेटी बनाई जाएगी। इसमें गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की रोकथाम और उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।फील्ड स्टाफ को HRP मामलों की बेहतर देखभाल के लिए तिमाही प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके अलावा टीकाकरण कैंप लगाने और स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए लेडी हेल्थ विजिटर, आशा वर्कर और एएनएम की सेवाएं ली जाएंगी।
अच्छा काम करने वालों को हर महीने सम्मान
मिशन जीवनी में फील्ड स्तर पर काम करने वाली आशा वर्करों और एएनएम की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए डीसी ने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को हर महीने के दूसरे मंगलवार को सम्मानित किया जाएगा।
चार महीने बेहद अहम
डीसी हिमांशु जैन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चार महीने की इस विशेष मुहिम को पूरी गंभीरता से लागू किया जाए और हर साप्ताहिक बैठक में ब्लॉकवार पूरा डेटा लेकर अधिकारी पहुंचें।उन्होंने कहा कि अगले चार महीने बेहद महत्वपूर्ण हैं और यदि सभी ब्लॉक अपनी जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभाते हैं तो लुधियाना जिले में रोकथाम योग्य मातृ मृत्यु को शून्य करने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।बैठक में एडीसी (ग्रामीण विकास) डॉ. नरेंद्र सिंह धालीवाल, डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डॉ. वरुण सागर, जिला परिवार नियोजन अधिकारी डॉ. अमनप्रीत कौर, नोडल अधिकारी जीवनदीप सिंह, सीजीओ अंबर बंदोपाध्याय और जिले के सभी एसएमओ मौजूद रहे।
