देहरा में भूमिगत डक्ट, बनखंडी जूलॉजिकल पार्क के लिए 100 करोड़ रुपये: मुख्यमंत्री
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800 मछुआरों को 3,500-3,500 रुपये की आर्थिक सहायता, कर्मचारियों को जल्द मिलेगा महंगाई भत्ता
देहरा, 30 अगस्त।जीत समाचार, हिमाचल ब्यूरो
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भाजपा पर कर्मचारियों और पेंशनरों के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार वित्तीय अनुशासन के साथ लंबित देनदारियों का भुगतान कर रही है।मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वेतन बकाया के अतिरिक्त 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। वहीं श्रेणी-1, 2 और 3 के पेंशनरों के लिए बेसिक पे से जुड़ी शर्त हटाने के निर्देश जारी किए जाएंगे। इसके बाद पात्र पेंशनरों को लंबित बकाया का 35 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे कर्मचारियों के कुल बकाया का 57 प्रतिशत हिस्सा चुकता हो जाएगा। आने वाले समय में कर्मचारियों को महंगाई भत्ता भी प्रदान किया जाएगा।
800 मछुआरों को आर्थिक सहायता
देहरा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि’ के तहत 800 मछुआरों को 3,500 रुपये प्रति व्यक्ति की वित्तीय सहायता के चेक वितरित किए। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी गई है। उन्होंने कहा कि मछली पर रॉयल्टी 15 प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत कर दी गई है तथा प्रतिबंध अवधि में मछुआरों को आर्थिक सहायता दी जा रही है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के रास्ते बंद करने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। भ्रष्टाचार में शामिल लोगों से उनकी अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों का ब्यौरा मांगा जाएगा और ऐसी संपत्तियों को जब्त कर गरीबों में वितरित किया जाएगा। उन्होंने जनता से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सहयोग करने का आह्वान किया।
देहरा में भूमिगत यूटिलिटी डक्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला में भूमिगत यूटिलिटी डक्ट का काम शुरू किया गया है और इसी तरह का भूमिगत डक्ट देहरा में भी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांगड़ा को प्रदेश की पर्यटन राजधानी घोषित किया गया है।
बनखंडी जूलॉजिकल पार्क के लिए 100 करोड़
बनखंडी में 619 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर का जूलॉजिकल पार्क विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार इस परियोजना पर 150 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं और अब 100 करोड़ रुपये और जारी किए गए हैं। देहरा अस्पताल में एक वर्ष के भीतर अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन लगाने की भी घोषणा की गई।
इसके अलावा देहरा विधानसभा क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजनाएं कार्यान्वयन के अधीन हैं। ओजोन तकनीक आधारित पेयजल परियोजना भी अगले एक वर्ष में पूरी करने का लक्ष्य है।
किशाऊ बांध और जेएसडब्ल्यू का जिक्र
सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने किशाऊ बांध परियोजना में हिमाचल के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी है, जिससे प्रदेश को हर वर्ष करीब 600 करोड़ रुपये राजस्व मिलने की उम्मीद है। जेएसडब्ल्यू मामले में सर्वोच्च न्यायालय में जीत के बाद प्रदेश को सालाना करीब 150 करोड़ रुपये की आय हो रही है।उन्होंने कहा कि सरकार ने पूर्व भाजपा सरकार की शराब ठेकों के नवीनीकरण की व्यवस्था को बंद कर उनकी नीलामी का निर्णय लिया, जिससे प्रदेश के राजस्व में वृद्धि हुई।
76,707 करोड़ रुपये का कर्ज विरासत में मिलने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वर्तमान सरकार ने सत्ता संभाली तो प्रदेश पर 76,707 करोड़ रुपये का कर्ज और करीब 10,000 करोड़ रुपये की कर्मचारी देनदारियां थीं। उन्होंने राजस्व घाटा अनुदान बंद किए जाने को लेकर भाजपा सांसदों और विधायकों पर भी निशाना साधा।
पौंग बांध विस्थापितों को जमीन
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पौंग बांध विस्थापितों की समस्याओं से अवगत है। अब तक 200 विस्थापित परिवारों को मकान बनाने के लिए भूमि उपलब्ध करवाई गई है, जबकि अन्य पात्र परिवारों को भी चरणबद्ध तरीके से योजना में शामिल किया जाएगा।विधायक कमलेश ठाकुर ने कहा कि मछुआरों को दी जा रही सहायता उनके श्रम और स्थानीय अर्थव्यवस्था में योगदान के प्रति सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देहरा में चल रही बड़ी विकास परियोजनाओं से क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है और आने वाले वर्षों में देहरा को हिमाचल के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करना सरकार का लक्ष्य है।उन्होंने बताया कि देहरा के कुल विकास बजट का 60 प्रतिशत से अधिक सीधे ग्राम पंचायतों को आवंटित किया गया है, ताकि गांवों में सड़क, रास्ते और पेयजल से जुड़े कार्य तेजी से पूरे किए जा सकें।
कार्यक्रम में राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी पठानिया, विधायक संजय रतन, कुलदीप कुमार धीमान, पूर्व विधायक योगराज सहित विभिन्न बोर्डों एवं निगमों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
