जोन-A ब्लॉक-25 में 5 मंजिला बिल्डिंग! लैंटर पड़ने की तैयारी— एमटीपी से एटीपी जोन ए तक सवालों के घेरे में
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चालान काट दिया” या “कंपाउंडिंग फीस जमा है”—क्या यही है 5 मंजिल बनाने का लाइसेंस? | पार्किंग कहां है? | कमिश्नर के आदेशों की निगरानी पर भी सवाल
लुधियाना 31अगस्त2026 अरुण कुमार/ विक्की शर्मा
नगर निगम लुधियाना की बिल्डिंग ब्रांच में कमर्शियल निर्माण को लेकर सवालों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। जोन-A के ब्लॉक-25 में एक बिल्डिंग के करीब 5 मंजिल तक पहुंचने और अगले लैंटर की तैयारी की जानकारी सामने आई है। मामले ने एक बार फिर एमटीपी और एटीपी जोन ए की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।जीत समाचार लगातार ऐसी बिल्डिंगों का मुद्दा उठा रहा है, जहां निर्माण की वैधता, पार्किंग, नक्शे और विभागीय कार्रवाई को लेकर सवाल सामने आते हैं। अब सवाल यह है कि इतनी बड़ी इमारत फील्ड अधिकारियों की नजरों से कैसे गुजर गई?
कंपाउंडिंग फीस जमा = 6 मंजिल का लाइसेंस?
बिल्डिंग ब्रांच में अक्सर एक जवाब सुनने को मिलता है—“चालान काट दिया गया” या “कंपाउंडिंग फीस जमा है।”लेकिन असली सवाल है:
1 क्या कंपाउंडिंग फीस जमा होने से मनमुताबिक मंजिलें बनाने की अनुमति मिल जाती है?
अगर नहीं, तो ब्लॉक-25 में निर्माण इस स्तर तक पहुंचने से पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और अगर सब कुछ नियमों के अनुसार है तो स्वीकृत नक्शा और संबंधित रिकॉर्ड सामने रखकर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की जाती?
2 कमिश्नर के आदेशों की निगरानी कौन कर रहा है?
नगर निगम कमिश्नर की ओर से बिल्डिंग ब्रांच को नियमों के अनुसार कार्रवाई और निर्माण की निगरानी के निर्देश दिए जाते हैं। लेकिन सवाल यह है कि यदि अधिकारी नियमित रूप से मौके पर निरीक्षण नहीं करेंगे तो उन्हें कैसे पता चलेगा कि कौन-सी बिल्डिंग कितनी मंजिल तक पहुंच गई ?
6 छह मंजिला निर्माण कोई ?
एक दिन में खड़ा नहीं होता। ऐसे में यह जांच का विषय है कि निर्माण शुरू होने से अब तक संबंधित अधिकारियों ने कितनी बार मौके का निरीक्षण किया।
पार्किंग कहां है?
आज कमर्शियल बिल्डिंगों में पार्किंग सबसे बड़ा मुद्दा है। ब्लॉक-25 की इस बिल्डिंग में स्वीकृत पार्किंग प्रावधान क्या है और मौके पर वास्तविक पार्किंग कितनी है?इसकी जांच मौके पर जाकर ही साफ हो सकती है।
एमटीपी साहब, फील्ड में उतरिए!
जीत समाचार का सवाल किसी अधिकारी को बिना जांच दोषी ठहराना नहीं है। सवाल सिर्फ इतना है कि 5 मंजिला निर्माण तक पहुंच चुकी बिल्डिंग की निगरानी किसने की?यदि निर्माण नियमों के मुताबिक है तो विभाग रिकॉर्ड के आधार पर स्थिति साफ करे। अगर नियमों का उल्लंघन है तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए कि कार्रवाई में देरी क्यों हुई।
अब कमिश्नर साहब की परीक्षा
1 क्या ब्लॉक-25 की इस 5 मंजिला बिल्डिंग की तत्काल जांच होगी?
2 क्या नक्शे और मौके के निर्माण का मिलान होगा?
3 क्या पार्किंग और निर्माण नियमों की जांच होगी?
4 क्या चालान और कंपाउंडिंग का रिकॉर्ड देखा जाएगा?
अब देखना होगा कि 5 मंजिल तक पहुंच चुकी इस बिल्डिंग पर नियमों के मुताबिक कार्रवाई होती है या मामला भी “चालान-कंपाउंडिंग” की फाइल में दबकर रह जाता है।
Part-1 जल्द
जोन-A ब्लॉक-25 की इस बिल्डिंग का कच्चा-चिट्ठा—फोटो, नक्शे, पार्किंग और विभागीय कार्रवाई से जुड़े सवालों के साथ जीत समाचार जल्द लेकर आएगा Part-1
