40 हजार रुपये बेसिक पेंशन की सीमा हटाने और त्योहारों पर महंगाई राहत की घोषणा का पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट ने किया स्वागत
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40 हजार रुपये बेसिक पेंशन की सीमा हटाने और त्योहारों पर महंगाई राहत की घोषणा का पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट ने किया स्वागत
चरणबद्ध भुगतान को लेकर उठ रहे सवालों पर फ्रंट का पलटवार, कहा—यह वित्तीय प्रबंधन की स्थापित प्रक्रिया; लंबित ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन और लीव इनकैशमेंट के भुगतान की मांग
जीत समाचार शिमला/काँगड़ा ।पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट हिमाचल प्रदेश ने प्रदेश सरकार द्वारा 40 हजार रुपये बेसिक पेंशन की अधिकतम सीमा हटाने तथा दशहरा और दिवाली के अवसर पर पेंशनरों को महंगाई राहत देने की घोषणा का स्वागत किया है। फ्रंट के राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं राज्य प्रवक्ता कल्याण भंडारी ने प्रेस बयान जारी कर इसे प्रदेश के पेंशनर वर्ग के लिए बड़ी राहत बताया।
कल्याण भंडारी ने कहा कि सरकार के साथ फ्रंट द्वारा लगातार किए गए अनुशासित, समन्वित और सार्थक संवाद के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के लगभग डेढ़ लाख पेंशनर्स, जो वर्ष 2015 तक सेवानिवृत्त हुए हैं, उनके पेंशन एरियर का पूरा भुगतान किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 से जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए क्लास-वन, क्लास-टू और क्लास-थ्री पेंशनरों को क्रमशः 15 और 35 प्रतिशत पेंशन एरियर का भुगतान किया जा रहा है। उनके अनुसार अब इस अवधि का करीब 20 से 30 प्रतिशत एरियर ही शेष है। इसी अवधि में सेवानिवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट और पेंशन रिवीजन से संबंधित एरियर का भुगतान किए जाने की बात भी उन्होंने कही। साथ ही वेतन एरियर के रूप में 20 हजार रुपये की राशि भी दिए जाने की जानकारी दी।
चरणबद्ध भुगतान पर फ्रंट का जवाब
कुछ पेंशनर नेताओं द्वारा अलग-अलग उम्र और वर्ग के आधार पर किए जा रहे भुगतान को पेंशनरों को बांटने की कोशिश बताए जाने पर कल्याण भंडारी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध भुगतान वित्तीय प्रबंधन की स्थापित प्रक्रिया है, जिसे स्टेगर्ड मोड ऑफ पेमेंट कहा जाता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी वर्ग के पेंशनर को जब उसका जायज हक मिलता है तो पूरा पेंशनर समाज उसका स्वागत करता है। इसे पेंशनरों को बांटने की साजिश बताना अतार्किक और निराधार है।
वरिष्ठ पेंशनरों के लिए रोडमैप की मांग
पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट ने सरकार से मांग की है कि छठे वेतन आयोग लागू होने से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों के लंबित वित्तीय लाभों के भुगतान के लिए स्पष्ट और पारदर्शी रोडमैप जल्द जारी किया जाए। फ्रंट का कहना है कि इससे वरिष्ठ पेंशनरों में बनी अनिश्चितता दूर होगी।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो सड़क पर उतरने की चेतावनी
कल्याण भंडारी ने फ्रंट की आगामी रणनीति स्पष्ट करते हुए कहा कि संगठन सदन से सड़क तक संघर्ष करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि फ्रंट किसी राजनीतिक दल के प्रभाव में नहीं है और उसका मुख्य उद्देश्य पेंशनरों के हितों की पैरवी करना है।
उन्होंने कहा कि सरकार के साथ बातचीत के जरिए समाधान निकालना फ्रंट की पहली प्राथमिकता है। फिलहाल संगठन का मुख्य फोकस लंबित ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन और अवकाश नकदीकरण के शीघ्र भुगतान पर रहेगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वार्ता विफल रहती है या सरकार पेंशनरों की मांगों की अनदेखी करती है, तो फ्रंट बातचीत के साथ-साथ सड़क पर उतरकर निर्णायक संघर्ष करने से भी पीछे नहीं हटेगा।
