जीत समाचार की खबर का असर: जोन-सी की बिल्डिंग ब्रांच पर निगम की सख्ती

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अवैध निर्माणों पर कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड तलब, 10 सितंबर को ज्वाइंट कमिश्नर ने बुलाई बैठक

लुधियाना, 9 सितंबर | विक्की कुमार

नगर निगम जोन-सी की बिल्डिंग ब्रांच की कार्यप्रणाली को लेकर जीत समाचार और शिकायतकर्ताओं द्वारा लगातार आवाज उठाए जाने के बाद अब नगर निगम प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। जोन-सी में अवैध निर्माणों और बिल्डिंगों से जुड़े मामलों को लेकर अब अधिकारियों से जवाब मांगा गया है।जोन-D के ज्वाइंट कमिश्नर तपन भनोट ने जोन-सी के एरिया टाउन प्लानर (ATP) को पत्र जारी कर जनवरी 2026 से अब तक अवैध निर्माणों के खिलाफ की गई कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड तलब किया है। साथ ही इस संबंध में 10 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे जोन-D कार्यालय के कमरा नंबर 22 में बैठक बुलाई गई है।

हर कार्रवाई का देना होगा हिसाब

ज्वाइंट कमिश्नर की ओर से जारी पत्र में जनवरी 2026 से अब तक जारी नोटिसों की संख्या, किए गए चालानों का विवरण, संबंधित प्रॉपर्टी की किस्म, निर्धारित और वसूल की गई फीस तथा फीस निर्धारित करने का आधार मांगा गया है।इसके अलावा कितनी बिल्डिंगों के खिलाफ कार्रवाई की गई, अवैध निर्माण और अवैध रूप से निर्मित क्षेत्रफल पर क्या कार्रवाई हुई तथा संबंधित प्रॉपर्टियों की वर्तमान स्थिति क्या है—इसकी भी पूरी रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।

शिकायतों के निपटारे की रिपोर्ट भी मांगी

पत्र में विशेष रूप से संबंधित शिकायतों और उनके निपटारे का पूरा ब्यौरा भी मांगा गया है। ज्वाइंट कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि बैठक में एटीपी को अपनी रिपोर्ट के साथ उपस्थित होना होगा। पत्र की प्रतियां नगर निगम कमिश्नर को भी भेजी गई हैं।जीत समाचार द्वारा लगातार यह सवाल उठाया जाता रहा है कि जिन बिल्डिंगों के खिलाफ शिकायतें पहुंचती हैं, उन पर वास्तव में कितनी कार्रवाई होती है और क्या कार्रवाई के बाद भी निर्माण जारी रहता है। अब निगम द्वारा रिकॉर्ड तलब किए जाने के बाद जोन-सी की बिल्डिंग ब्रांच को अपने किए गए कार्यों का पूरा हिसाब देना होगा।

अब देखना होगा—रिकॉर्ड में क्या सामने आता है ?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि बैठक में जोन-सी की बिल्डिंग ब्रांच की ओर से पेश की जाने वाली रिपोर्ट में क्या सामने आता है और अवैध निर्माणों व शिकायतों पर की गई कार्रवाई वास्तव में कितनी प्रभावी रही है। आने वाले समय में यह भी स्पष्ट होगा कि निगम प्रशासन नियमों की अनदेखी के आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है और सरकारी राजस्व को हुए संभावित नुकसान की जिम्मेदारी किसकी तय होती है।

 

जोन-सी की कुछ अन्य बिल्डिंगों से संबंधित शिकायतें भी जल्द ही नगर निगम के समक्ष रखी जाएंगी।

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