“तेरे-मेरे चर्चे हर ज़ुबान पर…”!बिल्डिंग मालिकों को ‘खुश’ करने के आरोपों से ज़ोन – सी में मचा सवालों का शोर

एटीपी ज़ोन सी और बिल्डिंग ब्रांच ज़ोन -सी  की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल—ऊपर से आदेश, नीचे कार्रवाई कितनी?

लुधियाना | जीत समाचार | 17 सितंबर 2026।विक्की कुमार

मशहूर गाने की पंक्ति “तेरे-मेरे चर्चे हर ज़ुबान पर…” इन दिनों लुधियाना नगर निगम की ज़ोन – सीबिल्डिंग ब्रांच को लेकर उठ रहे सवालों पर व्यंग्य के तौर पर इस्तेमाल की जा सकती है। यहां चर्चा किसी व्यक्तिगत रिश्ते की नहीं, बल्कि बिल्डिंग मालिकों को कथित तौर पर राहत मिलने, शिकायतों पर कार्रवाई में देरी और विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की है।शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुछ मामलों में उच्च अधिकारियों की ओर से कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बावजूद मौके पर कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं होती। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अधिकारियों के निर्देशों का पालन पूरी तरह हो रहा है?

मालिक खुश या नियमों का पालन?

यदि किसी निर्माण के खिलाफ शिकायत आती है और उच्च अधिकारी जांच अथवा कार्रवाई के निर्देश देते हैं, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि Zone-C के ATP और बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने उस पर क्या कदम उठाए।क्या निरीक्षण हुआ? क्या नोटिस जारी हुआ? क्या निर्माण स्वीकृत है? और यदि नियमों का उल्लंघन मिला तो कार्रवाई क्या हुई?इन सवालों का जवाब दस्तावेजों और विभागीय रिकॉर्ड से ही सामने आएगा।

जीत समाचार की अगली पड़ताल में तस्वीर साफ होगी

जीत समाचार इस मामले से जुड़े उपलब्ध दस्तावेजों और मौके की तस्वीरों की जांच कर रहा है। अगली रिपोर्ट में रिकॉर्ड के आधार पर यह सामने रखने का प्रयास किया जाएगा कि शिकायतों के बाद संबंधित मामलों में विभागीय कार्रवाई किस स्तर तक हुई।संबंधित अधिकारियों और बिल्डिंग मालिकों का पक्ष भी लिया जाएगा, ताकि खबर में सभी पक्षों को जगह मिल सके।

“तेरे-मेरे चर्चे हर ज़ुबान पर…”

अब चर्चे नहीं, दस्तावेज़ बताएंगे—Zone-C में कार्रवाई हुई या सिर्फ कार्रवाई की चर्चा?

जीत समाचार — सवाल भी, दस्तावेज़ भी और जवाबदेही की मांग भी।

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