‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान को और तेज करने के लिए विधायकों की अहम बैठक

सिद्धू, पप्पी और छीना ने लुधियाना शहरी के कोऑर्डिनेटरों व वार्ड रक्षा कमेटी सदस्यों के साथ की बैठक

लुधियाना | 17 सितंबर | जीत समाचार |  कुमार

पंजाब सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने के उद्देश्य से वीरवार को महाराजा रिजेंसी, लुधियाना में अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू, अशोक पराशर पप्पी और रजिंदरपाल कौर छीना ने लुधियाना शहरी के विधानसभा क्षेत्र कोऑर्डिनेटरों, वाइस कोऑर्डिनेटरों, ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों और वार्ड रक्षा कमेटियों के सदस्यों के साथ विचार-विमर्श किया।

बैठक के दौरान विधायकों ने अभियान को और तेज करने तथा सामूहिक प्रयासों के माध्यम से समाज में नशे के खतरे को रोकने के लिए पदाधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर सिविल और पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे।

विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू, अशोक पराशर पप्पी और रजिंदरपाल कौर छीना ने कहा कि पंजाब सरकार नशों के खिलाफ अभियान को जमीनी स्तर तक लेकर जा रही है। उनके अनुसार, ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के 551 दिनों के दौरान 76,982 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है।

विधायकों ने कहा कि नशा तस्करी के जरिए बनाई गई संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई और तस्करों की गिरफ्तारी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि नशा विरोधी अभियान केवल सरकारी स्तर की कार्रवाई तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि इसके लिए समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।

नशा पीड़ितों की पहचान और उपचार पर जोर

बैठक में विधानसभा क्षेत्र, वाइस और ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों तथा वार्ड रक्षा कमेटी के सदस्यों से अपील की गई कि वे अपने क्षेत्रों में नशे से प्रभावित लोगों की पहचान करने और उन्हें सरकारी नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों तक पहुंचाने में सहयोग करें।विधायकों ने कहा कि नशे की लत से बाहर आने वाले लोगों के इलाज के साथ-साथ पुनर्वास और समाज में दोबारा स्थापित करना भी महत्वपूर्ण है। परिवार और समाज का सहयोग मिलने से ऐसे लोगों को सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद मिल सकती है।

पुलिस-प्रशासन से तालमेल रखने के निर्देश

कोऑर्डिनेटरों और वार्ड रक्षा कमेटी के सदस्यों को पुलिस एवं सिविल प्रशासन के साथ नजदीकी तालमेल बनाए रखने और नशे की तस्करी या दुरुपयोग से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने को कहा गया।

इसके अलावा युवाओं, अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों के बीच नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता फैलाने पर भी जोर दिया गया। क्षेत्र स्तर पर नियमित जागरूकता कार्यक्रम, सेमिनार और विचार-विमर्श सत्र आयोजित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।

विधायकों ने कहा कि लोगों की भागीदारी, सतर्कता और लगातार प्रयासों से नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को मजबूती मिल सकती है और युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने में मदद मिलेगी।

बैठक में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) अमित बैंबी, नगर निगम लुधियाना के संयुक्त कमिश्नर विनीत कुमार एवं अमनप्रीत सिंह, एसीपी क्राइम हरशप्रीत सिंह, जिला योजना समिति के चेयरमैन जतिंदर सिंह खंगूड़ा, पंजाब मीडियम इंडस्ट्री डेवलपमेंट बोर्ड के वरिष्ठ वाइस चेयरमैन शरणपाल सिंह मक्कड़ और जिला कोऑर्डिनेटर (लुधियाना शहरी) बलवीर चौधरी सहित बड़ी संख्या में विधानसभा क्षेत्र कोऑर्डिनेटर, वाइस कोऑर्डिनेटर, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर और वार्ड रक्षा कमेटी के सदस्य मौजूद रहे।

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