घुमार मंडी में पार्किंग पर कब्जे का आरोप, फुटपाथ गायब!
सड़क पर चलने को मजबूर लोग, सवालों के घेरे में नगर निगम की निगरानी व्यवस्था—कमिश्नर साहब कब लेंगे जमीनी जायजा?
लुधियाना | जीत समाचार | 17 सितंबर 2026 | विक्की कुमार
लुधियाना नगर निगम की ओर से शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं देने और लोगों को परेशानी से बचाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन घुमार मंडी की सामने आई तस्वीरें इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रही हैं।बिल्डिंग ब्रांच को लेकर पहले से ही शहर में कई तरह के सवाल उठते रहे हैं, लेकिन अब घुमार मंडी में पार्किंग और फुटपाथ की व्यवस्था को लेकर भी सवाल सामने आ रहे हैं।जीत समाचार को एक जागरूक नागरिक ने घुमार मंडी की तस्वीर भेजी है। तस्वीर में दिखाई दे रहा है कि दुकानों के सामने पार्किंग और पैदल चलने के लिए उपलब्ध जगह में बड़ी संख्या में बाइक और स्कूटर खड़े हैं। स्थिति ऐसी नजर आ रही है कि पैदल राहगीरों को सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
नगर निगम की निगरानी व्यवस्था पर सवाल
जीत समाचार की रिपोर्टिंग के दौरान यह सवाल भी सामने आया कि यदि सार्वजनिक फुटपाथ या पार्किंग क्षेत्र में नियमों के विपरीत कब्जा अथवा अतिक्रमण है, तो संबंधित नगर निगम शाखा की ओर से इसकी निगरानी और कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई दे रही?स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि क्या संबंधित कर्मचारियों ने मौके का निरीक्षण किया है? यदि किया है तो क्या कार्रवाई हुई? और अगर कार्रवाई नहीं हुई तो उसका कारण क्या है?
कोर्ट के आदेशों के बावजूद स्थिति पर सवाल
फुटपाथों पर पैदल चलने वाले लोगों के अधिकार को लेकर अदालतों के निर्देशों का भी हवाला दिया जाता रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि जमीन पर फुटपाथ की स्थिति वास्तव में क्या है और पैदल राहगीरों के लिए सुरक्षित रास्ता उपलब्ध क्यों नहीं दिखाई दे रहा?यह मामला केवल पार्किंग का नहीं, बल्कि पैदल चलने वाले आम नागरिक की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थान के इस्तेमाल से भी जुड़ा है।
कल हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?
घुमार मंडी जैसे व्यस्त इलाके में यदि पैदल राहगीर फुटपाथ की जगह सड़क पर चलने के लिए मजबूर हों और उसी दौरान कोई दुर्घटना हो जाए, तो जिम्मेदारी किसकी होगी?क्या नगर निगम प्रशासन हादसे का इंतजार करेगा या उससे पहले ही मौके की जांच कर व्यवस्था को दुरुस्त करेगा?
कमिश्नर साहब, अब जमीनी निरीक्षण जरूरी!
जीत समाचार ने समय-समय पर नगर निगम से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए हैं। इस मामले में भी हमारा सवाल सीधा है—क्या नगर निगम कमिश्नर ओजस्वी अलंकार घुमार मंडी का मौके पर निरीक्षण करवाकर यह जांच करवाएंगे कि फुटपाथ और पार्किंग की जगह पर नियमों के अनुसार व्यवस्था है या नहीं?अगर कोई अतिक्रमण नियमों के विरुद्ध पाया जाता है तो क्या संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी?और अगर सब कुछ नियमों के मुताबिक है, तो नगर निगम को जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
जीत समाचार ने संबंधित अधिकारियों का पक्ष जानने का प्रयास किया है। अधिकारियों का आधिकारिक जवाब मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।घुमार मंडी की ये तस्वीरें एक सवाल जरूर छोड़ रही हैं—जब फुटपाथ पर आम आदमी के चलने की जगह नहीं बचेगी, तो आखिर वह चलेगा कहां?
अब जागना होगा नगर निगम प्रशासन को—क्योंकि सड़क पर बढ़ता दबाव किसी बड़े हादसे का कारण बनने से पहले व्यवस्था को दुरुस्त करना जरूरी है।

